5G के बाद भारत 6G के लिए तैयार है। पिछले काफी समय से देश में 6G टेक्नोलॉजी पर काम चल रहा है। हाल ही में Telecommunications Standards Development Society, India (TSDSI) और भारत 6G एलायंस ने 6G कनेक्टिविटी के डेवलपमेंट को आगे बढ़ाने के लिए हाथ मिलाया है। 6G को कामयाब बनाने के लक्ष्य से यह पार्टनरशिप की गई है। ये दोनों मिलकर अब 6G के लिए स्टैंडर्ड डेवलप करेंगी।
TSDSI के डायरेक्टर-जनरल, ए.के. मित्तल का कहना है कि TSDSI को B6GA के साथ साझेदारी करके खुशी हो रही है। TSDSI और B6GA आपसी तालमेल और सामंजस्य स्थापित करने के लिए उत्सुक है। इससे रिसर्च और डेवलपमेंट के परिणामों पर कई गुना प्रभाव पड़ेगा। साथ ही, ग्लोबल स्टैंडर्ड के डेवलपमेंट में भी योगदान मिलेगा। भारत 6G एलायंस के डायरेक्टर-जनरल, राजेश कुमार पाठक का कहना है कि यह साझेदारी ग्लोबल स्टैंडर्ड के डेवलपमेंट की प्रोसेस में भारत की भागीदारी को मजबूत करेगी। इसका मतलब है कि इस साझेदारी से 6G विजन को आगे बढ़ाने में काफी मदद मिलेगी।
2023 में देखा गया था 6G विजन
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मार्च, 2023 में भारत 6G विजन डॉक्यूमेंट जारी किया था। इसका उद्देश्य 6G नेटवर्क को डिजाइन, विकसित और तैनात करना है। भारत का लक्ष्य 2030 तक 6G तकनीक में ग्लोबल लेवल पर उभरकर आना है। इसमें देश का साथ देने के लिए भारत 6G एलायंस आगे आ गया है। यह घरेलू उद्योग, शिक्षा, राष्ट्रीय अनुसंधान संस्थानों और मानक संगठनों का एक गठबंधन है। यह भारत 6G विजन को ध्यान में रखते हुए एक योजना बनाएगा। इस समझौता से भारत को 6G तकनीक के क्षेत्र में बड़ा खिलाड़ी बनने में काफी मदद मिलेगी। इससे साथ ही, लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।







