Politics Mirror
Advertisement
  • होम
  • राजनीति इन दिनों
  • मध्यप्रदेश
    • भोपाल
    • इंदौर
    • ग्वालियर
    • जबलपुर
  • देश
  • विदेश
  • परदे के पीछे
  • राजनीतिक चिंतन
  • टेक्नालाजी
  • जीवन शैली
    • धर्म / ज्योतिष
    • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
  • होम
  • राजनीति इन दिनों
  • मध्यप्रदेश
    • भोपाल
    • इंदौर
    • ग्वालियर
    • जबलपुर
  • देश
  • विदेश
  • परदे के पीछे
  • राजनीतिक चिंतन
  • टेक्नालाजी
  • जीवन शैली
    • धर्म / ज्योतिष
    • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Politics Mirror
No Result
View All Result
Home विदेश

जापान में महिलायें पैदा नहीं करना चाहती बच्चे..! गहराया इंसानी आबादी का संकट

Politics Mirror by Politics Mirror
August 16, 2025
in विदेश
0
जापान में महिलायें पैदा नहीं करना चाहती बच्चे..! गहराया इंसानी आबादी का संकट
0
SHARES
3
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

टोक्यो। जापान दुनिया का ऐसा देश है, जिसे स्वस्थ लोगों और दीर्घायु जीवन के लिए जाना जाता है, लेकिन इन दिनों जापान में युवा आबादी कम हो रही है और बुजुर्गों की आबादी में लगातार इजाफा हो रहा है। रिपोर्टस के अनुसार जापान में अब महिलाएं बच्चे पैदा करने के लिये तैयार नहीं हैं। जिससे यहां इंसानों की आबादी का संकट गहरा रहा है। 2024 में 2024 में जापान में सिर्फ 6,86,061 बच्चों का ही जन्म हुआ तो वहीं 1.6 मिलियन लोगों की मौत हुई। इस तरह पैदा होने वालों की तुलना में 10 लाख ज्यादा लोगों की मौत हुई।

जापान के पीएम शिगेरू इशिबा ने इसे साइलेंट इमरजेंसी करार दिया है। उनका कहना है कि देश में इंसानों की आबादी का संकट गहरा रहा है। उन्होंने कहा कि हम फैमिली फ्रेंडली पॉलिसीज पर और फोकस करेंगे। जैसे फ्री चाइल्डकेयर और वर्किंग आवर्स के मामले में लचीला रुख अपनाया जाएगा। अब भी जापान में ऐसी कई नीतियां हैं, लेकिन महिलाएं ज्यादा बच्चे पैदा करने के लिए तैयार नहीं हैं। जापान में ऐसी महिलाओं की बड़ी संख्या है, जिन्होंने एक भी बच्चे को जन्म नहीं दिया है और ना ही देना चाहती हैं।

क्या है जनसंख्या के आंकड़े
जनसंख्या के आंकड़ों के अनुसार जापान में जन्मदर 1.2 है। वर्ष 2024 में जापान में सिर्फ 6,86,061 बच्चों का ही जन्म हुआ तो वहीं 1.6 मिलियन लोगों की मौत हुई। इस तरह पैदा होने वालों की तुलना में 10 लाख ज्यादा लोगों की मौत हुई। फिलहाल जापान की आबादी 12 करोड़ है और यदि इसी तरह संख्या में कमी आती रही तो देश में मानव संसाधन का ही संकट पैदा हो जाएगा। इससे अर्थव्यवस्था से लेकर सामान्य मानवीय जीवन तक कठिन होगा। जापान में बीते 125 सालों के इतिहास में 2024 में सबसे कम बच्चे पैदा हुए।

लगातार 16वें साल आबादी में गिरावट
रिपोर्टस के अनुसार यह लगातार 16वां साल है, जब जापान की आबादी में इतनी बड़ी गिरावट देखी गई है। यह स्थिति तब है, जबकि जापान में बड़ी संख्या में विदेशी बस गए हैं। 1 जनवरी, 2025 के डेटा के मुताबिक जापान की कुल आबादी में 3 फीसदी हिस्सेदारी बाहरी लोगों की है। बीते एक साल के अंदर ही जापान की कुल आबादी में 0.44 फीसदी की कमी आई है। इसकी भरपाई के लिए जापान ने विदेशी लोगों को आमंत्रित करने की कोशिश की है, लेकिन यह योजना भी काम नहीं आई।

30 फीसदी आबादी 65 साल के बुजुर्गों की
जापान की कुल आबादी में 65 साल से ज्यादा आयु के बुजुर्गों का आंकड़ा अब 30 फीसदी है। यह दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा डेटा है, पहले नंबर पर मोनाको है। जापान में फिलहाल 60 फीसदी आबादी ही वर्किंग एज में है यानी 15 से 64 साल के बीच की है। यही नहीं जिस तरह से जन्मदर कम हो रही है, उससे आने वाले कुछ सालों में बुजुर्गों की संख्या युवाओं से ज्यादा हो जाएगी।

Previous Post

घर में ही घिरे ट्रंप- लोगों ने पूछा क्या भारत पर टैरिफ लगाने से रुक जाएगा रूस-यूक्रेन युद्ध?

Next Post

ऋतिक ने बचपन की यादें ताजा कीं, कहा…रजनीकांत मेरे प्रथम अभिनय गुरु हैं

Politics Mirror

Politics Mirror

Next Post
ऋतिक ने बचपन की यादें ताजा कीं, कहा…रजनीकांत मेरे प्रथम अभिनय गुरु हैं

ऋतिक ने बचपन की यादें ताजा कीं, कहा...रजनीकांत मेरे प्रथम अभिनय गुरु हैं

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

पॉलिटिक्स मिरर पढ़ने के लिये यहां क्लिक करें

Recent News

बढ़ता स्तन कैंसर, इलाज से ज्यादा जागरूकता जरूरी

बढ़ता स्तन कैंसर, इलाज से ज्यादा जागरूकता जरूरी

March 8, 2026
चिंतामणि के बाद कालूहेड़ा के बागी तेवर

चिंतामणि के बाद कालूहेड़ा के बागी तेवर

March 8, 2026
मप्र में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की तैयारी

मप्र में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की तैयारी

March 7, 2026
महंगी होती रसोई की आंच

महंगी होती रसोई की आंच

March 7, 2026

Politics Mirror का उद्देश्य राजनीति में शुचिता की पैरवी करने के साथ राजनीतिक पत्रकारिता को एक नया दृष्टिकोण प्रदान करना है। 'Politics Mirror' स्पष्ट, निष्पक्ष और अंतर दृष्टिपूर्ण मूल्य-आधारित पत्रकारिता को बढ़ावा देता है। यह राजनीति में 'नैतिक मूल्यों' और आमजन के संवैधानिक अधिकारों, मुद्दों और समस्याओं की बात करता है।

Follow Us

Category

  • राजनीति इन दिनों
  • मध्यप्रदेश
  • देश
  • परदे के पीछे
  • विदेश
  • राजनीतिक चिंतन
  • जीवन शैली
  • मनोरंजन
  • ई-पेपर
  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact

© 2025 Politics Mirror. All rights reserved.

No Result
View All Result
  • होम
  • राजनीति इन दिनों
  • मध्यप्रदेश
    • भोपाल
    • इंदौर
    • ग्वालियर
    • जबलपुर
  • देश
  • विदेश
  • परदे के पीछे
  • राजनीतिक चिंतन
  • टेक्नालाजी
  • जीवन शैली
    • धर्म / ज्योतिष
    • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
  • ई-पेपर

© 2025 Politics Mirror. All rights reserved.