भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि हमारे पास स्वदेशी विकल्प हैं। इनके दम पर हम हर परिस्थिति से निपट सकते हैं। वे शनिवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में जन अभियान परिषद द्वारा आयोजित स्वदेशी से स्वावलंबन संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंनेे कहा कि हमने तय किया है कि उद्योगों को बढ़ावा देंगे, लेकिन जो रोजगार देगा उसको विशेष लाभ देंगे। ऐसे उद्योगों में रोजगार पाने वाले युवाओं को पांच हजार रुपए महीना दस साल तक सरकार देगी। उन्होंने कहा कि हर सरकार की अपनी पॉलिसी होती है, लेकिन समाज की जागृति भी जरूरी होती है। स्वदेशी जागरण मंच के साथ सरकार स्वदेशी को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम करती रहेगी। कार्यक्रम में कार्यक्रम में जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर, स्वदेशी जागरण मंच के वरिष्ठ राष्ट्रीय पदाधिकारी सुधीर दाते, स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय संगठक कश्मीरी लाल, संगठन के राष्ट्रीय संयोजक आर. सुंदरम और जन अभियान परिषद के कार्यपालिक निदेशक डॉ. बकुल लाड़ सभी विद्वतजन और अभियान के अंशभागी (स्टेक होल्डर्स) उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि हमारे जीवन से लेकर समाज की जागृति का अपना कल्चर है। सभी संघर्षों से हम बाहर निकलकर आते हैं। आजादी के पहले से स्वदेशी के विचार के बलबूते पर अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी जा रही थी पर तब इस लड़ाई में गणपति जी नहीं आए थे। फिर बाल गंगाधर तिलक ने जो लड़ाई लड़ी, वह देश जानता है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि उज्जैन जहां से मैं विधायक हूं, वहां 1235 में हम कमजोर थे तो महाकाल का मंदिर तोड़ दिया गया। शासन मजबूत हुआ तो ढाई साल में महाकाल का मंदिर बन गया। बनारस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नया कॉरिडोर बनाया। उन्होंने काशी में हमारी अलग प्रकार की आस्था बनाई है। हमने उसी दिशा में आगे बढ़ते हुए भगवान महाकाल के परिवार को आगे लाने का प्रयास किया।
सरकार सभी अभियान चलाने में सक्षम
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि मध्य प्रदेश की सरकार जन अभियान परिषद के माध्यम से सभी अभियान चलाने में सक्षम है। चाहे मिट्टी के गणेशजी हों या पानी बचाने का अभियान हो। सारे ऐसे अभियान चले हैं जो समाज को आगे बढ़ाएंगे। स्वदेशी आंदोलन एक बड़ा विषय है। लोगों को जन अभियान परिषद ऐसे ही जागरूक करे, जिससे देश की अर्थव्यवस्था भी आगे बढ़ेगी। प्रदेश भी आगे बढ़े और रोजगार भी आगे बढ़े। यह हम सबकी जिम्मेदारी है। सरकार तो प्रयास करेगी कि जब तक हमारे आचरण में स्वदेशी नहीं आ जाता, तब तक हम अपनी अर्थव्यवस्था को सपोर्ट नहीं कर पाएंगे।







