Politics Mirror
Advertisement
  • होम
  • राजनीति इन दिनों
  • मध्यप्रदेश
    • भोपाल
    • इंदौर
    • ग्वालियर
    • जबलपुर
  • देश
  • विदेश
  • परदे के पीछे
  • राजनीतिक चिंतन
  • टेक्नालाजी
  • जीवन शैली
    • धर्म / ज्योतिष
    • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
  • होम
  • राजनीति इन दिनों
  • मध्यप्रदेश
    • भोपाल
    • इंदौर
    • ग्वालियर
    • जबलपुर
  • देश
  • विदेश
  • परदे के पीछे
  • राजनीतिक चिंतन
  • टेक्नालाजी
  • जीवन शैली
    • धर्म / ज्योतिष
    • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Politics Mirror
No Result
View All Result
Home देश

अखिलेश बोले-हमें दीयों-मोमबत्तियों पर इतना खर्च क्यों करना पड़ता है, क्रिसमस से सीखो

Politics Mirror by Politics Mirror
October 19, 2025
in देश
0
अखिलेश बोले-हमें दीयों-मोमबत्तियों पर इतना खर्च क्यों करना पड़ता है, क्रिसमस से सीखो
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

लखनऊ। दीपावली पर पूरे देश में रोशनी और उल्लास का माहौल है। लोग घरों को दीपों की माला और चित्ताकर्षक रोशनी से सजा रहे हैं वहीं अयोध्या में भी लाखों दीये जलाने की तैयारियां है। इसी बीच समाजवादी पार्टी प्रमुख और पूर्व सीएम अखिलेश यादव के बयान से राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। उन्होंने कहा कि हमें दीयों और मोमबत्तियों पर इतना खर्च क्यों करना पड़ता है, जबकि कई देशों में क्रिसमस में शहर महीनों तक जगमगाते रहते हैं। हमें क्रिसमस से सीखना चाहिए। उन्होंने साथ ही लखनऊ की सफाई और ट्रैफिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए।

अखिलेश यादव अक्सर हिंदू परंपराओं को लेकर ऐसी टिप्पणियां करते हैं। अयोध्या में दीपोत्सव अब एक सांस्कृतिक प्रतीक बन चुका है। पिछले कुछ सालों में लाखों दीयों से शहर को जगमगाकर विश्व रिकॉर्ड कायम किए गए हैं। ऐसे समय में अखिलेश का बयान एक काउंटर नैरेटिव के रूप में देखा जा रहा है। आलोचकों का मानना है कि यदि वे वाकई में बिजली बचत या शहर की सफाई पर चर्चा करना चाहते, तो किसी भी सामान्य दिन यह मुद्दा उठा सकते थे, लेकिन दीपावली से ठीक पहले ऐसा कहना राजनीतिक संदेश देता है। दीया केवल एक लौ नहीं, बल्कि आस्था, आशा और विजय का प्रतीक है। यह उत्सव दिखावे का नहीं, बल्कि अंधकार से प्रकाश की यात्रा का प्रतीक है। जैसे क्रिसमस की सजावट या ईद की रौनक समाज में प्रेम और सौहार्द्र का भाव जगाती है, वैसे ही दीपावली में दीया जलाना आत्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है। सवाल यह है कि क्या क्रिसमस या ईद पर भी अखिलेश ने कभी ऐसा सवाल उठाया है?

Previous Post

बिहार चुनाव- एआईएमआईएम ने जारी की 25 उम्मीदवारों के नामों की सूची

Next Post

बिहार में एनडीए की जीत के बाद सीएम कौन होगा? फैसला विधायक दल करेगा

Politics Mirror

Politics Mirror

Next Post
बिहार में एनडीए की जीत के बाद सीएम कौन होगा? फैसला विधायक दल करेगा

बिहार में एनडीए की जीत के बाद सीएम कौन होगा? फैसला विधायक दल करेगा

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

पॉलिटिक्स मिरर पढ़ने के लिये यहां क्लिक करें

Recent News

बढ़ता स्तन कैंसर, इलाज से ज्यादा जागरूकता जरूरी

बढ़ता स्तन कैंसर, इलाज से ज्यादा जागरूकता जरूरी

March 8, 2026
चिंतामणि के बाद कालूहेड़ा के बागी तेवर

चिंतामणि के बाद कालूहेड़ा के बागी तेवर

March 8, 2026
मप्र में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की तैयारी

मप्र में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की तैयारी

March 7, 2026
महंगी होती रसोई की आंच

महंगी होती रसोई की आंच

March 7, 2026

Politics Mirror का उद्देश्य राजनीति में शुचिता की पैरवी करने के साथ राजनीतिक पत्रकारिता को एक नया दृष्टिकोण प्रदान करना है। 'Politics Mirror' स्पष्ट, निष्पक्ष और अंतर दृष्टिपूर्ण मूल्य-आधारित पत्रकारिता को बढ़ावा देता है। यह राजनीति में 'नैतिक मूल्यों' और आमजन के संवैधानिक अधिकारों, मुद्दों और समस्याओं की बात करता है।

Follow Us

Category

  • राजनीति इन दिनों
  • मध्यप्रदेश
  • देश
  • परदे के पीछे
  • विदेश
  • राजनीतिक चिंतन
  • जीवन शैली
  • मनोरंजन
  • ई-पेपर
  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact

© 2025 Politics Mirror. All rights reserved.

No Result
View All Result
  • होम
  • राजनीति इन दिनों
  • मध्यप्रदेश
    • भोपाल
    • इंदौर
    • ग्वालियर
    • जबलपुर
  • देश
  • विदेश
  • परदे के पीछे
  • राजनीतिक चिंतन
  • टेक्नालाजी
  • जीवन शैली
    • धर्म / ज्योतिष
    • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
  • ई-पेपर

© 2025 Politics Mirror. All rights reserved.