आपको यह जानकार आश्चर्य होगा कि एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व की कमी के चलते अमेरिकी वयस्कों पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। नेशनल हेल्थ इंटरव्यू सर्वे के अनुसार, अमेरिका में आधे से अधिक वयस्कों को 10 प्रमुख पुरानी स्वास्थ्य स्थितियों (अर्थराइटिस, कैंसर, सीओपीडी, कोरोनरी हार्ट डिजीज, अस्थमा, डायबिटीज, हाई बीपी, हेपेटाइटिस, स्ट्रोक और कमजोर या फेलिंग किडनी) में से कम से कम एक है। इसके अलावा 27 फीसदी लोगों को इन स्थितियों में से एक से अधिक हैं।
विटामिन डी की कमी को कई पुरानी बीमारियों से जोड़ा जाता है और अधिकतर अमेरिकियों में इस विटामिन का स्तर काफी कम है। हम बताते हैं कि किस तरह विटामिन डी की कमी आपके शरीर को प्रभावित करती है और इसकी कमी से कौन-कौन से रोग हो सकते हैं। साथ ही ये भी जानेंगे कि विटामिन डी की पूर्ति करने के लिए क्या करना चाहिए।
अमेरिकी वयस्कों में विटामिन डी की कमी
अमेरिकी हेल्थ एक्सपर्ट मार्क हाइमन ने अपने एक पोस्ट में जानकारी दी कि लगभग41प्रतिशत अमेरिकियों में विटामिन डी का अपर्याप्त स्तर हो सकता है। जो कि बोन हेल्थ,मसल स्ट्रेंथ और फंक्शन,बेहतर इम्यून फंक्शन,हार्ट हेल्थऔर फिजिकल परफॉर्मेंस के लिए जरूरी है। यहां तक कि विटामिन डी का पर्याप्त स्तर कई क्रोनिक बीमारियों के खतरे को कम कर सकता है।
विटामिन डी की कमी से हो सकती है ये बीमारियां
स्तन कैंसर, सिज़ोफ्रेनिया, कोलोरेक्टल कैंसर, हृदय रोग, मधुमेह (डायबिटीज़), ऑस्टियोपोरोसिस, अल्जाइमर रोग, डिमेंशिया (स्मृति लोप), प्रोस्टेट कैंसर और डिप्रेशन (अवसाद) आदि।
विटामिन डी की कमी होने की वजहें
शरीर में विटामिन डी की कमी होने के कई कारण हो सकते हैं,जैसे कि अपर्याप्त धूप में आना,आहार में विटामिन डी की कमी,कुछ चिकित्सीय स्थितियां और दवाएं आदि।
विटामिन डी की पूर्ति के लिए क्या करें?
मार्क ने अपनी पोस्ट में बताया,दोपहर के समय 10 मिनट का सन ब्रेक लेना आपके स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है। सिर्फ 10-15 मिनट की आंशिक दोपहर की धूप में रहना— सप्ताह में केवल एक बार भी— शरीर को इतनी विटामिनष्ठबनाने में मदद कर सकता है जिससे कि इसकी कमी या अपर्याप्तता से बचा जा सके। जो शरीर के कई कार्यों के लिए जरूरी है।
विटामिन डी बढ़ाने के लिये ये खायें
इसके अलावा आप अपनी डाइट में कुछ ऐसे फूड आइटम्स को शामिल कर सकते हैं,जो विटामिन डी की पूर्ति करने में मदद कर सकते हैं,जैसे कि-
संतरे का जूस, अंडे की जर्दी, फोर्टिफाइड फूड्स, रेड मीट, ऑयली फिश, मशरूम और जानवरों का लिवर।







