मोदी सरकार में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को संसद में 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश किया, जिसे ‘आशाओं और विकास की नई दिशाएं’ के रूप में देखा जा रहा है। यह बजट समग्र अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने, ग्रामीण और मजदूर-किसान वर्ग के जीवन में सुधार लाने तथा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर केंद्रित है।
सबसे बड़ा आकर्षण बुनियादी ढांचे का भारी निवेश है। नये बजट में सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को 12.2 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ाया गया है, जो सडक़ों, रेल-मार्गों, जलमार्गों, प्रगतिशील शहरों और रोजगार सृजन हेतु उपयोग किया जाएगा। इस निवेश से देश की आर्थिक गतिशीलता और दीर्घकालिक वृद्धि को बल मिलेगा। कृषि क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। बजट ने 1.63 लाख करोड़ रुपये का आवंटन कृषि और ग्रामीण विकास के लिए किया है, ताकि किसानों की आय में वृद्धि हो, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित हो और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ें। विनिर्माण, तकनीकी, विज्ञान और वैज्ञानिक शोध को बड़े पैमाने पर प्रोत्साहन मिला है। ‘बायोफार्मा शक्ति’ और सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 जैसी योजनाओं से जैविक दवाइयों, अर्ध-चालकों तथा इलेक्ट्रॉनिक घटकों के निर्माण को बढ़ावा मिलेगा। इसी तरह केमिकल पार्क, टेक्सटाइल पार्क, और इन्फ्रास्ट्रक्चर उपकरण निर्माण जैसी योजनाएं घरेलू उत्पादन को सशक्त बनाएंगी।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को 10,000 करोड़ रुपये की वृद्धि निधि और तरलता उपाय के ज़रिए समर्थन मिलेगा। इससे छोटे उद्यमों के विस्तार, रोजगार सृजन और बाजार प्रतिस्पर्धा में सुधार की संभावना बढ़ेगी। कर सुधार और अनुपालन सरलता पर भी ध्यान दिया गया है। बजट में टैक्स ढांचे को सरल बनाया गया है तथा विदेशी निवेश को आकर्षित करने के प्रयास भी शामिल हैं। कई तरह के कर प्रोत्साहन से घरेलू निवेश और विदेशी पूंजी आकर्षित करने की दिशा में कदम उठाए गए हैं।
राजकोषीय अनुशासन को महत्व देते हुए राजकोषीय घाटा को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 4.3 प्रतिशत रखने का लक्ष्य रखा गया है, जो वित्तीय संतुलन और दीर्घकालिक स्थिरता का संकेत है। इस प्रकार वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट ‘आशाओं और विकास की नई दिशाएं’ का बजट है- जहां बुनियादी ढांचे का विस्तार, कृषि-ग्रामीण सशक्तिकरण, एमएसएमई को बढ़ावा, तकनीकी उद्यमों का विकास और आर्थिक स्थिरता सभी को एक साथ महत्व मिला है। यह बजट भारत को आत्मनिर्भर, समृद्ध और प्रतिबद्ध विकास की दिशा में आगे बढ़ाने की दृष्टि से तैयार किया गया है।







