भारत सीरिज में रजिस्ट्रेशन कराकर गायब वाहनों पर आरटीओ का शिकंजा
भोपाल। परिवहन विभाग द्वारा ट्रांसफर वाली नौकरियों में काम करने वाले लोगों को सुविधा देने के लिए शुरू की गई भारत सीरिज अब विभाग के लिए ही सिरदर्द बन गई है। इन गाडिय़ों को हर दो साल में टैक्स जमा करना होता है, लेकिन ज्यादातर गाडिय़ोंं रजिस्ट्रेशन के बाद दोबारा टैक्स जमा करने नहीं आतीं। अब विभाग ने ऐसी गाडियों पर शिकंजा कसते हुए जब्ती की सूचना दी है, जिसके बाद वाहन मालिक दौड़े-दौड़े आरटीओ ऑफिस आ रहे हैं।
परिवहन मुख्यालय द्वारा सभी आरटीओ को बकाया वसूली को लेकर अभी से सख्ती करने के निर्देश दिए हैं। इसे लेकर विभाग ने सूची बनाई है, जिसमें 20 हजार वाहनों से 400 करोड़ से ज्यादा का बकाया सामने आया है। इस सूची में सालों पुराने वो वाहन भी शामिल है जो अब भंगार होकर बंद हो चुके है। इसे देखते हुए आरटीओ ने प्रारंभिक तौर पर पिछले साल में जिन वाहनों पर टैक्स बकाया रहा है, उन्हें पहले पकडऩे की योजना बनाई है। ऐसे वाहनों को अलग-अलग भागों में बांटा गया है। इनमें कमर्शियल वाहनों के अलावा एकमात्र भारत सीरिज के वाहन प्राइवेट कैटेगरी के होने के बावजूद शामिल है। आरटीओ ने बताया कि इन वाहनों के मालिकों को नोटिस जारी करने के साथ ही फोन पर टैक्स जमा करने अन्यथा जब्ती की कार्रवाई की सूचना दी जा रही है।
सरकारी कर्मचारियों के पास सबसे ज्यादा भारत सीरिज
जानकारी के अनुसार देश में वर्ष 2022 में सरकारी और प्राइवेट सेक्टर में लगातार ट्रांसफर वाली नौकरियों में रहने वाले लोगों की सुविधा के लिए परिवहन विभाग ने भारत सीरिज (बीएच) शुरू की थी, ताकि वाहन मालिक को बार-बार राज्य बदलने पर वाहन का ट्रांसफर ना करवाना पड़े ना ही अलग-अलग टैक्स भरना पड़े, क्योंकि सामान्य श्रेणी के वाहनों को एक राज्य से दूसरे राज्य में स्थाई रूप से ले जाने पर ट्रांसफर करवाना पड़ता है और उसका टैक्स भी नए राज्य में जमा करना पड़ता है। इसी परेशानी से बचने के लिए बीएच सीरिज के वाहनों को बार-बार राज्य बदलने पर ट्रांसफर की जरूरत नहीं होती और टैक्स भरने के लिए हर दो साल का समय होता है। इस व्यवस्था के अंतर्गत ज्यादातर वाहन केंद्र सरकार के विभागों में काम करने वाले लोगों के पास है।
रोजाना 100 रुपए जुर्माना
बीएच सीरिज के वाहनों को हर दो साल में कीमत का 1.25 प्रतिशत टैक्स जमा करना होता है। यानी अगर वाहन की कीमत 10 लाख है तो वाहन मालिक को हर दो साल में 12500 रुपए परिवहन विभाग के वाहन पोर्टल पर जमा करना होते हैं। अगर समय पर टैक्स जमा नहीं किया जाता है तो हर दिन का 100 रुपए जुर्माना लगाया जाता है।







