राजभवन में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दिलाई पद एवं गोपनीयता की शपथ
भोपाल। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के 29वें मुख्य न्यायाधिपति की शपथ मनोनीत न्यायमूर्ति श्री संजीव सचदेवा को दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन गुरूवार को राजभवन के सांदीपनि सभागार में किया गया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा भी उपस्थित रहे।
राज्यपाल श्री पटेल और उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने नव नियुक्त मुख्य न्यायाधिपति श्री सचदेवा को शपथ ग्रहण के बाद पुष्पगुच्छ भेंट कर बधाई और शुभकामनाएं दीं।मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने शपथ ग्रहण समारोह का संचालन किया। उन्होंने राष्ट्रपति द्वारा न्यायाधीश श्री संजीव सचदेवा को मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधिपति नियुक्त किए जाने की अधिसूचना का वाचन किया।
शपथ ग्रहण समारोह में खेल एवं युवा कल्याण, सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंगार, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, हरियाणा के पूर्व राज्यपाल श्री कप्तान सिंह सोलंकी, भोपाल नगर निगम अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी, लोकायुक्त श्री सत्येन्द्र कुमार सिंह, मुख्य सूचना आयुक्त श्री विजय यादव, सदस्य मानवाधिकार आयोग श्री राजीव टंडन, राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव श्री के.सी. गुप्ता, अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन श्री संजय शुक्ल, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना, रजिस्ट्रार जनरल मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय श्री धरमिंदर सिंह, महाधिवक्ता श्री प्रशांत सिंह, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, जिला न्यायालय एवं बार के सदस्य, विभिन्न आयोगों के पदाधिकारी सहित जन प्रतिनिधि एवं शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कौन हैं संजीव सचदेवा
दिल्ली में 26 दिसंबर 1964 को जन्मे संजीव सचदेवा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स 1985 में बीकाम(आनर्स), किया। 1988 में दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलबी डिग्री हासिल की। न्यायमूर्ति सचदेवा ने 1 अगस्त 1988 को दिल्ली बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में अपना नामांकन कराया था। 1992 में उन्होंने लंदन विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड लीगल स्टडीज में कॉमन वेल्थ यंग लॉयर्स कोर्स में भाग लिया और इंग्लैंड में सॉलिसिटर और बैरिस्टर के साथ काम किया। साल 1995 में भारत के सर्वोच्च न्यायालय में उन्हें एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड नियुक्त किया गया। इससे पहले 1992 में उन्हें ब्रिटिश काउंसिल की छात्रवृत्ति मिली थी, जब वे भारत के पांच युवा वकीलों में से एक थे, जिन्हें कॉमन वेल्थ यंग लॉयर्स कोर्स के लिए चुना गया था।
2013 में बने दिल्ली हाईकोर्ट में जज
17 अप्रैल 2013 को उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया और 18 मार्च 2015 को वे स्थायी न्यायाधीश बने। उन्होंने दो दशकों से अधिक समय तक सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट में बार काउंसिल ऑफ इंडिया के स्थायी वकील के रूप में कार्य किया। 14 जुलाई 2025 को राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद मप्र हाईकोर्ट के स्थायी मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त हुए हैं।
सुरेश कैत के रिटायरमेंट के बाद संभाली जिम्मेदारी
न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा को 24 मई 2025 को एक्टिंग चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया था। वे तत्कालीन चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत के रिटायरमेंट के बाद से चीफ जस्टिस का दायित्व संभाल रहे थे। इससे पहले भी वे 9 जुलाई 2024 से 24 सितंबर 2024 तक प्रदेश के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश का दायित्व संभाल चुके हैं। 30 मई 2024 को जस्टिस संजीव सचदेवा का दिल्ली हाईकोर्ट से मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में ट्रांसफर हुआ था। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने मध्यप्रदेश हाइकोर्ट को एक और जज दिया है। जस्टिस विवेक कुमार सिंह की मध्यप्रदेश में नियुक्ति की गई है। वे अभी मद्रास हाईकोर्ट में हैं, जिनका ट्रांसफर जबलपुर किया गया है। अब मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में जजों की संख्या बढक़र 34 हो गई हैं।







