Politics Mirror
Advertisement
  • होम
  • राजनीति इन दिनों
  • मध्यप्रदेश
    • भोपाल
    • इंदौर
    • ग्वालियर
    • जबलपुर
  • देश
  • विदेश
  • परदे के पीछे
  • राजनीतिक चिंतन
  • टेक्नालाजी
  • जीवन शैली
    • धर्म / ज्योतिष
    • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
  • होम
  • राजनीति इन दिनों
  • मध्यप्रदेश
    • भोपाल
    • इंदौर
    • ग्वालियर
    • जबलपुर
  • देश
  • विदेश
  • परदे के पीछे
  • राजनीतिक चिंतन
  • टेक्नालाजी
  • जीवन शैली
    • धर्म / ज्योतिष
    • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Politics Mirror
No Result
View All Result
Home देश

एनडीए ने राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाकर डीएमके को चिंता में डाला

Politics Mirror by Politics Mirror
August 18, 2025
in देश, राजनीति इन दिनों
0
एनडीए ने राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाकर डीएमके को चिंता में डाला
0
SHARES
1
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

नई दिल्ली। एनडीए उम्मीदवार की घोषणा के बाद अब तमिलनाडु की सत्तारूढ़ पार्टी डीएमके और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों पर सबकी नजरें आ टिकी हैं, क्योंकि सीपी राधाकृष्णन को चुनावी मैदान में उतारकर एनडीए ने इंडिया अलायंस खासकर डीएमके को चिंता दे दिया है। पहली चिंता तो यह है कि राधाकृष्णन राज्य के प्रभावशाली ओबीसी समुदाय से आते हैं, जिसके वोट बैंक पर डीएमके की बड़ी पकड़ रही है। दूसरा कि वह तमिलनाडु से हैं।

कांग्रेस समेत उसके गठबंधन के कई दल भी ओबीसी हितों के समर्थक रहे हैं। ऐसे में राधाकृष्णन का विरोध करना डीएमके समेत इंडिया अलायंस को भारी पड़ सकता है। क्योंकि अगले साल तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव होने हैं। दूसरी बड़ी बात कि राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति चुनाव में उातरकर भाजपा उन्हें तमिलनाडु गौरव के रूप में खूब प्रचारित कर सकती है। डीएमके के मुख्य प्रतिद्वंद्वी एआईएडीएमके भी इस मुद्दे को भुना सकती है। तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष पलानीस्वामी ने कहा है कि राधाकृष्णन, जिन्हें प्यार से सीपीआर कहा जाता है, को उनकी सार्वजनिक सेवा और जनता के प्रति समर्पण के लिए पुरस्कृत किया गया है। बहरहाल, भाजपा के इस दांव की काट क्या हो, इस पर मंथन और विचार-विमर्श के लिए विपक्षी दलों के नेता बैठक करने वाले हैं। इसमें 9 सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए उम्मीदवार समेत रणनीति पर चर्चा होने की उम्मीद है। यहां बात भी गौर करने वाली है कि पिछले राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनावों में, क्षेत्रीय भावनाओं के आधार पर गठबंधन पार्टी के बीच मतदान हुआ था। भाजपा को उम्मीद है कि राधाकृष्णन के मामले में भी ऐसा ही हो सकता है।

हालांकि, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनावों में पहले भी क्षेत्रीय आधार पर क्रॉस वोटिंग देखी गई है। कांग्रेस ने जब राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में प्रणब मुखर्जी को खड़ा किया था, तब लेफ्ट और टीएमसी ने किसी और उम्मीदवार को अपना समर्थन दिया था। इसी तरह, यूपीए ने जब प्रतिभा देवीसिंह पाटिल को इस शीर्ष पद के लिए खड़ा किया था, तब शिवसेना ने महाराष्ट्र से आने वालीं पाटिल को अपना समर्थन दिया था। इसी तरह, जब इंदिरा गांधी ने ज्ञानी जैल सिंह को कांग्रेस का राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया था, तब कट्टर प्रतिद्वंद्वी अकाली दल ने उनका समर्थन करते हुए कहा था कि वह राष्ट्रपति बनने वाले पहले सिख होंगे। अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाले एनडीए भी जब राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में एपीजे अब्दुल कलाम को सामने लाया था, तब समाजवादी पार्टी और कांग्रेस, दोनों ने उनका समर्थन किया था क्योंकि दोनों ही एक मुस्लिम को राष्ट्रपति बनाने के लिए उत्सुक थे। चूंकि, इन चुनावों में पार्टी व्हिप लागू नहीं होते, इसलिए क्रॉस वोटिंग के कारण यह चुनाव ज़्यादा लचीला हो जाता है और इसके परिणामस्वरूप कई विपक्षी दल खुलकर सरकार समर्थित उम्मीदवार का समर्थन करते हैं।

Previous Post

कालजयी फिल्मों के फलक पर अमिट हस्ताक्षर है ‘शोले’

Next Post

कक्षा 4 के बच्चों का पढ़ाया जा रहा था सुभाष चंद्र बोस अंग्रेजों से डरकर जर्मनी भागे थे

Politics Mirror

Politics Mirror

Next Post
कक्षा 4 के बच्चों का पढ़ाया जा रहा था सुभाष चंद्र बोस अंग्रेजों से डरकर जर्मनी भागे थे

कक्षा 4 के बच्चों का पढ़ाया जा रहा था सुभाष चंद्र बोस अंग्रेजों से डरकर जर्मनी भागे थे

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

पॉलिटिक्स मिरर पढ़ने के लिये यहां क्लिक करें

Recent News

बढ़ता स्तन कैंसर, इलाज से ज्यादा जागरूकता जरूरी

बढ़ता स्तन कैंसर, इलाज से ज्यादा जागरूकता जरूरी

March 8, 2026
चिंतामणि के बाद कालूहेड़ा के बागी तेवर

चिंतामणि के बाद कालूहेड़ा के बागी तेवर

March 8, 2026
मप्र में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की तैयारी

मप्र में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की तैयारी

March 7, 2026
महंगी होती रसोई की आंच

महंगी होती रसोई की आंच

March 7, 2026

Politics Mirror का उद्देश्य राजनीति में शुचिता की पैरवी करने के साथ राजनीतिक पत्रकारिता को एक नया दृष्टिकोण प्रदान करना है। 'Politics Mirror' स्पष्ट, निष्पक्ष और अंतर दृष्टिपूर्ण मूल्य-आधारित पत्रकारिता को बढ़ावा देता है। यह राजनीति में 'नैतिक मूल्यों' और आमजन के संवैधानिक अधिकारों, मुद्दों और समस्याओं की बात करता है।

Follow Us

Category

  • राजनीति इन दिनों
  • मध्यप्रदेश
  • देश
  • परदे के पीछे
  • विदेश
  • राजनीतिक चिंतन
  • जीवन शैली
  • मनोरंजन
  • ई-पेपर
  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact

© 2025 Politics Mirror. All rights reserved.

No Result
View All Result
  • होम
  • राजनीति इन दिनों
  • मध्यप्रदेश
    • भोपाल
    • इंदौर
    • ग्वालियर
    • जबलपुर
  • देश
  • विदेश
  • परदे के पीछे
  • राजनीतिक चिंतन
  • टेक्नालाजी
  • जीवन शैली
    • धर्म / ज्योतिष
    • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
  • ई-पेपर

© 2025 Politics Mirror. All rights reserved.