Vadodara Bridge Collapse:गुजरात के वडोदरा जिले में बड़ा हादसा हो गया है। महिसागर नदी पर वडोदरा-आणंद को जोड़ने वाला पुल सुबह अचनाक से ढह गया। पुल के टूटने से कई वाहन नदी में गिर गए।
गुजरात के वडोदरा जिले में बुधवार सुबह एक चार दशक पुराने पुल का हिस्सा ढह जाने से कई वाहन नदी में गिर गए। जिसमें 10 लोगों की मौत हो गई। नौ अन्य लोगों को सुरक्षित निकाला लिया गया। इनमें से पांच को एसएसजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस घटना पर दुख जताया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति सांत्वना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिवारों के लिए दो-दो लाख और घायलों के लिए 50 हजार रुपये की मदद का एलान किया।
वडोदरा कलेक्टर अनिल धमेलिया ने बताया कि महिसागर नदी पर मध्य गुजरात को सौराष्ट्र क्षेत्र से जोड़ने वाले गंभीरा पुल का 10 से 15 मीटर का एक स्लैब ढह गया। छह वाहन, जिनमें दो ट्रक, दो वैन, एक ऑटोरिक्शा और एक बाइक नदी में गिर गए। दो अन्य वाहन भी गिरने ही वाले थे कि उन्हें खींचकर बचाया गया। बाइक पर सवार तीन लोग खुद तैरकर बाहर निकल आए।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गंभीरा पुल हादसे पर जताया शोक, तत्काल जांच के दिए आदेश
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य के सड़क एवं भवन विभाग और पुल निर्माण में विशेषज्ञता रखने वाले निजी इंजीनियरों को तुरंत घटनास्थल पर पहुंचने व पुल ढहने के कारणों और अन्य तकनीकी मामलों की प्रारंभिक जांच कर कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय नगरपालिका और वडोदरा नगर निगम की दमकल टीमें नावों और तैराकों के साथ मौके पर बचाव एवं राहत अभियान चला रही हैं। एनडीआरएफ की टीम भी घटनास्थल पर पहुंच चुकी है। वहीं, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मृतकों के परिवारों को चार-चार लाख और घायलों को 50 हजार रुपये की मदद का एलान किया। यह पुल वडोदरा को आणंद से जोड़ता था।
पीएम मोदी ने किया मुआवजे का एलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, गुजरात के वडोदरा जिले में एक पुल के ढहने से हुई जनहानि बेहद दुखद है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजनों को दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।
1985 में बना था पुल
गुजरात के मंत्री ऋषिकेश पटेल ने कहा कि पुल का निर्माण 1985 में हुआ था। समय-समय पर इसका रखरखाव किया जाता था। उन्होंने कहा, घटना के पीछे के सटीक कारण की जांच की जाएगी। तस्वीरों में दो खंभों के बीच पुल का पूरा स्लैब ढहता हुआ दिखाई दे रहा है। स्लैब के ढहने से उस पर से गुजर रहे वाहन नदी में गिर गए। लगभग 900 मीटर लंबे गंभीरा पुल में 23 खंभे हैं और यह गुजरात के वडोदरा और आणंद जिलों को जोड़ता है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वाहनों के नदी में गिरने से पहले तेज आवाज सुनाई दी। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड, स्थानीय पुलिस और वडोदरा जिला प्रशासन ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। स्थानीय लोगों ने भी घायलों को मलबे से निकालने में मदद की। अब तक तीन लोगों को बचाया गया और उन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती किया गया है। एक स्थानीय निवासी ने कहा कि ये पुल न केवल ट्रैफिक दुर्घटनाओं के हिसाब से खतरनाक है, बल्कि यहां आत्महत्या की कई घटनाएं भी हो चुकी हैं। इसकी स्थिति के बारे में बार-बार चेतावनी दी गई थी, लेकिन प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया।
पुलिस ने बताया कि पुल ढहने की घटना में मारे गए 10 लोगों में दो साल का एक बच्चा और उसकी चार वर्षीय बहन भी शामिल हैं। मृतकों में से अधिकतर वडोदरा और आणंद जिले के निवासी थे।एसएसजी अस्पताल में इलाज करा रहे पांच लोगों में से चार पुरुष और एक महिला हैं। पुलिस ने बताया कि घायलों में से एक पड़ोसी राजस्थान के उदयपुर जिले का रहने वाला है।
गृह मंत्री ने घटना पर दुख व्यक्त किया
घटना पर गृह मंत्री अमित शाह ने दुख जताते हुए एक्स पर लिखा, गुजरात के वडोदरा जिले में हुआ हादसा बहुत ही दु:खद है। एनडीआरएफ की टीम दुर्घटना स्थल पर पहुंच कर राहत व बचाव कार्य में जुटी हुई है और हताहतों को हर संभव मदद पहुँचाई जा रही है। इस हादसे में जिन लोगों ने अपनों को खोया है, मेरी संवेदनाएँ उनके साथ हैं। ईश्वर से घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।
कांग्रेस का आरोप
गुजरात कांग्रेस विधायक दल के नेता अमित चावड़ा ने कहा, गुजरात के आणंद और वडोदरा जिलों को जोड़ने वाला मुख्य पुल, गंभीरा पुल आज सुबह ढह गया। पूरे सौराष्ट्र का यातायात यहां से होकर गुजरता है। हमने सरकार से बार-बार मांग की थी, और लोगों ने उन्हें पत्र भी लिखे थे कि पुल की हालत ठीक नहीं है और इसकी मरम्मत करवाई जानी चाहिए। लेकिन सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया। इसी वजह से यह हादसा हुआ। सरकार की लापरवाही के कारण आज यह पुल ढह गया और लोगों की मौत हो गई। हम सरकार से जांच की मांग करते हैं। हमने आणंद और वडोदरा प्रशासन से तुरंत बचाव कार्य शुरू करने के लिए बात की है। हमने पुल ढहने की घटना के बाद वैकल्पिक व्यवस्था की भी मांग की है। लेकिन हम सरकार से मांग करते हैं कि गुजरात में ऐसी घटनाएं बार-बार होती रहती हैं, इसलिए उसे राज्य के सभी पुलों का ऑडिट करवाना चाहिए, उनके फिटनेस प्रमाणपत्र लेने चाहिए और उन्हें सार्वजनिक करना चाहिए







