कैंटीन कर्मचारी से बदसलूकी करने वाले शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ के तेवर नहीं बदले हैं। मामले पर राजनीतिक हंगामे के बाद भी संजय गायकवाड़ बुधवार को अपनी गलती मानने को तैयार नहीं हुए। शिवसेना विधायक ने दो टूक शब्दों में कहा कि उनका जो बर्ताव था, वो बिल्कुल सही था।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने आकाशवाणी विधायक कैंटीन चलाने वाली कंपनी अजंता कैटरर्स का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ ने बीते दिन एक कैंटीन कर्मचारी की पिटाई कर दी थी और खाने की खराब गुणवत्ता का आरोप लगाया था। मामले का वीडियो वायरल होने के बाद संजय गायकवाड़ विपक्ष के निशाने पर आ गए। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी शिवसेना विधायक के कृत्य की निंदा की।
इस बीच कैंटीन स्टाफ को थप्पड़ मारने पर शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ ने कहा, ‘मैं माफी नहीं मांगूंगा। सीएम और डिप्टी सीएम ने जो भी कहा, वो उनका कर्तव्य है। मैं उनके शब्दों का सम्मान करता हूं, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि होटल की जांच होनी चाहिए। मुझे कोई पछतावा नहीं है। मैं जहर (दूषित खाने के संदर्भ में) खाने वाला था। दूसरे लोग यह नहीं समझ सकते, इसलिए मुझे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है।’
‘जब कोई मुझे जहर खिलाएगा तो क्या मैं उसकी पूजा करूंगा’
संजय गायकवाड़ ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘जब कोई मुझे जहर खिलाएगा तो क्या मैं उसकी पूजा करूंगा। बाला साहेब ठाकरे ने मुझे यह नहीं सिखाया है। बाला साहेब ठाकरे ने हमें सिखाया है कि अगर आप पर कोई हावी होना चाहता है तो उसे मत छोड़ो। इसलिए मेरा जो रिएक्शन था, वो सही था।’
संजय राउत की टिप्पणी का भी जवाब दिया
शिवसेना नेता ने इस मुद्दे पर संजय राउत की टिप्पणी का भी जवाब दिया। उन्होंने संजय राउत को 10 साल पुराना राजन विचारे का मामला याद दिलाया। संजय गायकवाड़ ने कहा, ’10 साल पहले दिल्ली में एक वेटर ने राजन विचारे को खाना परोसा था। वो खाना ठीक नहीं था, तो उन्होंने उस वेटर के मुंह में रोटी ठूंस दी और उसे मारा था। उस समय संजय राउत कहां गए थे?’
महाराष्ट्र की राजनीति गरमाई
फिलहाल संजय गायकवाड़ के इस पिटाई कांड पर महाराष्ट्र की राजनीति गरमाई हुई है। बुधवार को महाराष्ट्र विधानसभा में भी यह मुद्दा उठा और विपक्ष के नेताओं ने सरकार पर सवाल उठाए। मुंबई के आकाशवाणी विधायक गेस्ट हाउस में कैंटीन कर्मचारी को पीटा गया था। संजय गायकवाड़ ने कर्मचारी को थप्पड़ और घूंसे मारे थे, जिसका वीडियो वायरल हुआ।
‘विधायक संजय गायकवाड़ का व्यवहार अनुचित’
विधायक ने कहा कि कैंटीन कर्मचारी ने कथित तौर पर उन्हें बासी खाना परोसा था। इसी बात को लेकर संजय गायकवाड़ भड़क गए थे और कर्मचारी को पीट दिया था। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने संजय गायकवाड़ के व्यवहार को अनुचित बताया। विधानसभा में जवाब देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, ‘विधायक संजय गायकवाड़ का व्यवहार अनुचित है और इससे जनता के बीच सभी विधायकों के बारे में नकारात्मक धारणा बनती है।’
बांद्रा स्थित विभाग की प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे गए नमूने
इससे पहले एफडीए ने विधायक छात्रावास की कैंटीन से खाने के नमूने एकत्र किए थे और उन्हें जांच के लिए भेज दिया था। एफडीए के अधिकारी बुधवार दोपहर छात्रावास पहुंचे थे और खाने के नमूने सील कर दिए थे। इसे बांद्रा स्थित विभाग की प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया था। एफडीए मंत्री नरहरि जिरवाल के एक करीबी सूत्र ने कहा, ‘कैंटीन से एकत्र किए गए खाने के नमूनों को विश्लेषण के लिए भेज दिया गया है। प्रक्रिया के अनुसार, रिपोर्ट 16 दिनों के भीतर आने की उम्मीद है और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।’







