बरेली। बरेली हिंसा के बाद अब तक पुलिस ने 60 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि हिंसा की योजना काफी पहले से बनाई गई थी। इस मामले के दो मुख्य मास्टरमाइंड मौलाना तौकीर रजा और नदीम बताये गये हैं। जांच में पता चला है कि नदीम ने लोगों को व्हाट्सएप कॉल करके बरेली बुलाया था। पुलिस के मुताबिक नदीम द्वारा 55 लोगों को व्हाट्सएप पर कॉल किया गया था। इन 55 लोगों के जरिए शहर में हिंसा फैलाने के लिए करीब 1600 लोग जुटाए गए थे। नदीम ने लोगों को कहा था कि वे नाबालिगों को आगे रखें। इसी वजह से माहौल खराब हुआ।
पुलिस ने इस मामले की जांच में आईएमसी के प्रवक्ता डॉ. नफीस को भी हिरासत में लिया है। सोमवार को कुल 29 उपद्रवियों को जेल भेजा गया। पुलिस के मुताबिक डॉ. नफीस और उनके साथियों की करीब 150 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई है। हिंसा के कारण बीते शनिवार शाम से बरेली में इंटरनेट सेवा बंद थी, लेकिन सोमवार सुबह से इसे फिर से शुरू कर दिया गया।
आईएमसी की तरफ से एक पत्र जारी किया गया था, जिसमें नदीम, डॉ. नफीस और लियाकत खान के हस्ताक्षर थे। जांच में पता चला कि लियाकत खान के हस्ताक्षर नदीम ने फर्जी तरीके से बनाए थे। इस मामले में भी नदीम के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। पुलिस ने 62 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है। इनके खिलाफ 10 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। डॉ. नफीस को अंकल ऑफ आईएमसी कहा जाता है। उनके आफिस और 74 दुकानों को सील कर दिया गया हैं। पुलिस ने कहा है कि बरेली में शांति बहाली के लिये कार्रवाई जारी रखेगी।







