Politics Mirror
Advertisement
  • होम
  • राजनीति इन दिनों
  • मध्यप्रदेश
    • भोपाल
    • इंदौर
    • ग्वालियर
    • जबलपुर
  • देश
  • विदेश
  • परदे के पीछे
  • राजनीतिक चिंतन
  • टेक्नालाजी
  • जीवन शैली
    • धर्म / ज्योतिष
    • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
  • होम
  • राजनीति इन दिनों
  • मध्यप्रदेश
    • भोपाल
    • इंदौर
    • ग्वालियर
    • जबलपुर
  • देश
  • विदेश
  • परदे के पीछे
  • राजनीतिक चिंतन
  • टेक्नालाजी
  • जीवन शैली
    • धर्म / ज्योतिष
    • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Politics Mirror
No Result
View All Result
Home परदे के पीछे

परदे के पीछे-‘चर्चा’ में भाईजी के पिताश्री का देहावसान

Politics Mirror by Politics Mirror
October 31, 2025
in परदे के पीछे
0
परदे के पीछे-‘चर्चा’ में भाईजी के पिताश्री का देहावसान
0
SHARES
1
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

आमतौर पर राजनीति में सुख-दुख, दोनों ही अवसर ‘दिखावे’ के आयोजन बन जाते हैं। लेकिन जब ऐसा नज़ारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के किसी पदाधिकारी के यहां दिखे, तो चर्चा होना स्वाभाविक है। हाल ही में संघ के एक वरिष्ठ भाईजी (मालवा प्रांत प्रचारक) के पिताश्री का विदिशा में निधन हुआ। जहां सादगी की उम्मीद थी, वहां श्रद्धांजलि सभा अप्रत्याशित भव्यता में बदल गई। सत्ता और संगठन के लगभग सभी बड़े चेहरे शोक-संवेदना प्रकट करने के नाम पर हाजिरी लगाने पहुंचे। दृश्य कुछ यूं लगा मानो चुनावी दौर की तैयारियां शुरू हो गई हों। नारदजी कहते हैं, संघ परंपरा में न तो उत्सव में आडंबर होता है, न शोक में तामझाम। शायद यही कारण है कि विदिशा का शोक प्रसंग संघ परिवार और सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

नेताजी खेलेंगे नहीं, तो पूरा खेल बिगाड़ देंगे

मप्र कांग्रेस के एक बुर्जुआ नेताजी इन दिनों इस अंदाज़ में राजनीति कर रहे हैं कि ‘खेलेंगे नहीं, तो पूरा खेल ही बिगाड़ देंगे!’ चर्चा है कि नेताजी अपने पुत्र को प्रदेश कांग्रेस का मुखिया बनवाने की इतनी आतुरता में हैं कि वर्तमान अध्यक्ष का पूरा गेम लगाने पर आमादा हैं। उनकी हर चाल यही दिखाती है कि वे न प्रदेश अध्यक्ष को खुलकर काम करने दे रहे हैं, न ही पार्टी को किलेदारों के शिकंजे से मुक्त होने दे रहे हैं। नतीजा यह कि मप्र कांग्रेस न विपक्ष की भूमिका में दम दिखा पा रही है, न सत्तारूढ़ भाजपा को कोई असली चुनौती दे पा रही है। नारदजी कहते हैं, इन्हीं नेताजी की तिकड़मों से ऊबकर कभी श्रीमंत ने भाजपा का दामन थाम लिया था। और कमलनाथ की अच्छी-भली चलती सरकार का पंद्रह महीने में ही ‘बंटाढार’ हो गया था।

जन्मदिन के बहाने ‘भाईसाब’ का दीपावली शो-ऑफ

दीपावली की रात राजधानी के राजनीतिक गलियारों में मिठाइयों से ज़्यादा चर्चा ‘नामचीन भाईसाब’ के शो की रही। अंग्रेजी कैलेंडर के मुताबिक तो भाईसाब का जन्मदिन बीत चुका था, मगर भाईसाब ने कहा कि जब ‘दीप जले तो नाम भी चमके।’ सो, दीपावली (20 अक्टूबर) को भाईसाब ने एक बार फिर जन्मदिन मना लिया, और वो भी पूरे पॉलिटिकल स्टाइल में। उनके बंगले का नज़ारा किसी सियासी शक्ति प्रदर्शन से कम नहीं था। नेता, कार्यकर्ता और समर्थकों सब हाजिर थे। मिठाइयों और बधाइयों के बीच ‘राजनीतिक खुशबू’ भी साफ महसूस हो रही थी। भाईसाब का ‘इशारा साफ था कि राजनीति के खेल में मध्यप्रदेश में अब भी बास मैं ही हूं।’ नारदजी कहते हैं कि दीपों की रोशनी में ‘नामचीन भाईसाब’ ने बर्थ-डे के नाम पर अपनी राजनीति को खूब चमकाया।

अध्यक्षजी हाजिर हों

भोपाल के पुराने शहर स्थित जिला भाजपा कार्यालय में इन दिनों अध्यक्षजी हाजिर हों, हाजिर होंं! की आवाजें गूंज रही हैं। दरअसल, जिला भाजपा के नवेले अध्यक्ष को पुराने शहर स्थित जिला कार्यालय का माहौल रास नहीं आ रहा है। स्थिति यह है कि जब भी अध्यक्षजी को कोई बैठक करनी होती है, तो वे जिले के कार्यकर्ताओं-पदाधिकारियों को जिला कार्यालय बुलाने के बजाय सीधे प्रदेश भाजपा कार्यालय में बुला लेते हैं। अध्यक्षजी के इस रवैये से न सिर्फ जिले के कार्यकर्ता- पदाधिकारी परेशान हैं, बल्कि यह सवाल भी जोर पकडऩे लगा है कि आखिर अध्यक्षजी जिला कार्यालय जाने से कतराते क्यों हैं? क्या वजह है कि जिले की बैठकों का मंच प्रदेश कार्यालय बनाया जा रहा है? और अहम सवाल कि, आखिर अध्यक्षजी इससे कार्यकर्ताओं को क्या संदेश देना चाहते हैं?

Previous Post

महाराष्ट्र में मतदाता सूची में गड़बड़ी…ठाकरे बंधु निकालेंगे विरोध मार्च

Next Post

तो सुप्त पड़ी 6 शक्तियां भी अपने आप जागृत हो जाएंगी

Politics Mirror

Politics Mirror

Next Post
तो सुप्त पड़ी 6 शक्तियां भी अपने आप जागृत हो जाएंगी

तो सुप्त पड़ी 6 शक्तियां भी अपने आप जागृत हो जाएंगी

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

पॉलिटिक्स मिरर पढ़ने के लिये यहां क्लिक करें

Recent News

बढ़ता स्तन कैंसर, इलाज से ज्यादा जागरूकता जरूरी

बढ़ता स्तन कैंसर, इलाज से ज्यादा जागरूकता जरूरी

March 8, 2026
चिंतामणि के बाद कालूहेड़ा के बागी तेवर

चिंतामणि के बाद कालूहेड़ा के बागी तेवर

March 8, 2026
मप्र में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की तैयारी

मप्र में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की तैयारी

March 7, 2026
महंगी होती रसोई की आंच

महंगी होती रसोई की आंच

March 7, 2026

Politics Mirror का उद्देश्य राजनीति में शुचिता की पैरवी करने के साथ राजनीतिक पत्रकारिता को एक नया दृष्टिकोण प्रदान करना है। 'Politics Mirror' स्पष्ट, निष्पक्ष और अंतर दृष्टिपूर्ण मूल्य-आधारित पत्रकारिता को बढ़ावा देता है। यह राजनीति में 'नैतिक मूल्यों' और आमजन के संवैधानिक अधिकारों, मुद्दों और समस्याओं की बात करता है।

Follow Us

Category

  • राजनीति इन दिनों
  • मध्यप्रदेश
  • देश
  • परदे के पीछे
  • विदेश
  • राजनीतिक चिंतन
  • जीवन शैली
  • मनोरंजन
  • ई-पेपर
  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact

© 2025 Politics Mirror. All rights reserved.

No Result
View All Result
  • होम
  • राजनीति इन दिनों
  • मध्यप्रदेश
    • भोपाल
    • इंदौर
    • ग्वालियर
    • जबलपुर
  • देश
  • विदेश
  • परदे के पीछे
  • राजनीतिक चिंतन
  • टेक्नालाजी
  • जीवन शैली
    • धर्म / ज्योतिष
    • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
  • ई-पेपर

© 2025 Politics Mirror. All rights reserved.