नई दिल्ली। शरीर के लिए जरुरी पोषक तत्वों में आयरन का विशेष महत्व है, जिसे शरीर के लिए ईंधन की तरह माना जाता है। आयरन न केवल रक्त की मात्रा बढ़ाने में मदद करता है, बल्कि कोशिकाओं को जीवन देने और पूरे शरीर में ऑक्सीजन के संचार को सुचारू रखने में भी अहम भूमिका निभाता है। यह एक ऐसा खनिज है, जिसे शरीर का ऑक्सीजन सप्लाई सिस्टम भी कहा जा सकता है। अक्सर लोगों के मन में यह धारणा होती है कि आयरन का काम केवल खून की कमी को पूरा करना है, जबकि सच्चाई इससे कहीं ज्यादा व्यापक है। आयरन लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यही लाल रक्त कोशिकाएं फेफड़ों से ऑक्सीजन लेकर मस्तिष्क और शरीर के हर अंग तक पहुंचाती हैं। जब शरीर में आयरन की कमी हो जाती है या इसका सही तरीके से अवशोषण नहीं हो पाता, तो अंगों तक ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रभावित होने लगती है। इसका असर थकान, कमजोरी, चक्कर आना, बेचैनी, शरीर में कंपन, सिरदर्द, बालों का झडऩा और महिलाओं में मासिक धर्म संबंधी गड़बड़ी के रूप में देखने को मिलता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पुरुषों को रोजाना लगभग 10 मिलीग्राम आयरन की आवश्यकता होती है, जबकि महिलाओं के लिए यह मात्रा 12 से 15 मिलीग्राम तक होती है। बच्चों के लिए प्रतिदिन कम से कम 7 मिलीग्राम आयरन जरूरी माना जाता है। कई बार ऐसा देखा जाता है कि लोग आयरन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन तो करते हैं, लेकिन फिर भी शरीर में आयरन की कमी बनी रहती है। इसका प्रमुख कारण आयरन के सेवन और उसके अवशोषण का सही तरीका न अपनाना है। आयरन शरीर में तभी अच्छी तरह अवशोषित होता है, जब विटामिन सी की पर्याप्त मात्रा मौजूद हो।
आयरन से भरपूर भोजन के साथ खट्टे पदार्थों को शामिल करना फायदेमंद होता है। नींबू, संतरा, मौसमी, टमाटर, दही और अचार जैसे खाद्य पदार्थ आयरन के अवशोषण को बढ़ाते हैं। अगर आयरन की गोलियां ली जा रही हों, तो उन्हें नींबू पानी के साथ लेना बेहतर होता है। साथ ही यह भी ध्यान रखना चाहिए कि आयरन की गोली लेने से पहले या बाद में चाय और कॉफी का सेवन न किया जाए, क्योंकि ये आयरन के अवशोषण में बाधा डालती हैं। शरीर में आयरन की पूर्ति के लिए कद्दू के बीज, बाजरा, सोयाबीन, राजमा, टोफू, तिल और चना जैसे खाद्य पदार्थों को आहार में शामिल किया जा सकता है।







