ढाका। बांग्लादेश में इंकलाब मंच के प्रमुख युवा नेता शरीफ उस्मान हादी के निधन ने पूरे देश में एक नई राजनीतिक अस्थिरता और तनाव पैदा कर दिया है। हादी की मौत के बाद ढाका सहित कई क्षेत्रों में हालात बेहद तनावपूर्ण हैं और कट्टरपंथी संगठनों द्वारा व्यापक प्रदर्शन, आगजनी और हिंसा की खबरें सामने आ रही हैं। शरीफ उस्मान हादी के जनाजे की नमाज के बाद इंकलाब मंच ने सरकार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए एक खुला अल्टीमेटम जारी किया है। संगठन ने मांग की है कि हादी के हत्यारों को अगले 24 घंटों के भीतर गिरफ्तार किया जाए, नहीं तो पूरा बांग्लादेश जलाकर राख कर देंगे। शनिवार को हादी को सुपुर्द-ए-खाक किया गया, जिसमें उनके लाखों समर्थकों के शामिल होने का दावा किया जा रहा है।
मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार द्वारा शांति बनाए रखने की अपील का प्रदर्शनकारियों पर कोई खास असर नहीं दिख रहा है। शनिवार दोपहर ढाका के ऐतिहासिक शाहबाग चौराहे पर हजारों की संख्या में समर्थकों ने जुटने के बाद यह चेतावनी दी। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि रविवार शाम तक सरकार की ओर से अपराधियों की गिरफ्तारी को लेकर कोई ठोस जवाब नहीं आता है, तो वे शाहबाग में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर देंगे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने शाहबाग चौराहे का नाम बदलकर हादी के नाम पर रखने की मांग भी उठाई।
हादी को ढाका यूनिवर्सिटी सेंट्रल मस्जिद के पास राष्ट्रकवि काजी नजरुल इस्लाम की मजार के बगल में दफनाया गया है। उनके जनाजे में उमड़ी भीड़ और सरकार को दी गई समयसीमा ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति केवल एक आपराधिक जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बांग्लादेश की अंतरिम सरकार की कानून-व्यवस्था बनाए रखने की क्षमता की भी परीक्षा है। 24 घंटे की इस मोहलत के खत्म होने के बाद ढाका में बड़े पैमाने पर नागरिक संघर्ष और राजनीतिक टकराव की आशंका जताई जा रही है, जो पहले से ही अस्थिर देश को और अधिक अराजकता की ओर धकेल सकता है।







