नई दिल्ली। लैपटॉप, कंप्यूटर और मोबाइल के इस दौर में गर्दन, कंधों और पीठ दर्द के मरीज ज्यादा बढ रहे हैं। सर्वाइकल पेन, बैक पेन और ‘टेक नेक’ जैसी समस्याएं अब आम होती जा रही हैं। अगर काम करते समय सही पोस्चर अपनाया जाए और रोजाना कुछ आसान एक्सरसाइज की जाए, तो इन परेशानियों से काफी हद तक बचा जा सकता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक लैपटॉप या कंप्यूटर स्क्रीन को आंखों के लेवल पर रखना बेहद जरूरी है। इससे गर्दन आगे की ओर झुकने से बचती है और सर्वाइकल पर दबाव कम पड़ता है। सही पोस्चर में पीठ सीधी होनी चाहिए, कंधे रिलैक्स्ड रहें और गर्दन को पूरा सपोर्ट मिलना चाहिए। कंप्यूटर स्क्रीन आंखों के बराबर या थोड़ा नीचे हो, ताकि सिर को बार-बार ऊपर-नीचे न करना पड़े। की-बोर्ड की पोजिशन भी उतनी ही अहम है। विशेषज्ञ बताते हैं कि की-बोर्ड इस तरह रखा जाना चाहिए कि कोहनियां लगभग 90 से 100 डिग्री के कोण पर रहें। डेस्क पर की-बोर्ड को एल्बो लेवल या उससे थोड़ा नीचे रखने से कंधों और गर्दन पर पडऩे वाला दबाव कम हो जाता है। लैपटॉप यूजर्स के लिए स्टैंड का इस्तेमाल सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है, क्योंकि लैपटॉप की स्क्रीन आमतौर पर नीचे होती है, जिससे ‘टेक नेक’ की समस्या बढ़ती है। गर्दन की एक्सरसाइज को लेकर भी विशेषज्ञ खास जोर देते हैं।
रोजाना नेक रेंज ऑफ मोशन एक्सरसाइज करने से मांसपेशियां मजबूत होती हैं और लंबे समय तक काम करने की क्षमता बढ़ती है। इसमें गर्दन को धीरे-धीरे आगे-पीछे झुकाना, बाएं-दाएं मोडऩा और हल्के घुमाव शामिल हैं। इसके अलावा विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हर 30 से 45 मिनट में ब्रेक लेना चाहिए। इस दौरान कुर्सी से उठकर थोड़ा टहलें और गर्दन व कंधों की हल्की स्ट्रेचिंग करें। कुर्सी ऐसी हो जिसमें पीठ को अच्छा सपोर्ट मिले और पैर फर्श पर पूरी तरह सपाट रखें। अगर लैपटॉप पर ज्यादा काम करना पड़ता है तो एक्सटर्नल कीबोर्ड और माउस का इस्तेमाल फायदेमंद हो सकता है।







