भाजपा 24 से 31 दिसंबर तक मनाएगी सुशासन दिवस, अटलजी के जीवन-दर्शन पर केंद्रित प्रदर्शनियां लगेंगी
भोपाल। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती (25 दिसंबर) को भाजपा इस वर्ष भी सुशासन दिवस के रूप में मनायेगी। इस अवसर पर प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में ‘अटल स्मृति’ सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। आयोजनों की शुरुआत 24 दिसंबर से होगी और 31 दिसंबर को समापन किया जाएगा। इस दौरान अटलजी के जीवन-दर्शन, विचारों और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को दर्शाने वाली विशेष प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी।
प्रदेश भाजपा मुख्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए अरुण सिंह ने बताया कि सम्मेलनों में अटलजी के साथ कार्य कर चुके सामाजिक कार्यकर्ताओं, विशिष्ट नागरिकों के साथ-साथ चिकित्सा, साहित्य, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को आमंत्रित कर सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 24 दिसंबर को प्रदेश की सभी विधानसभा क्षेत्रों में, जहां-जहां अटलजी की प्रतिमा या स्मारक स्थापित हैं, वहां विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। इसी दिन दीपोत्सव का आयोजन भी होगा। भाजपा के सभी जिला कार्यालयों में भी दीपोत्सव कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ग्वालियर पहुंचेंगे और अटलजी के नाम पर आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेंगे।
25 दिसंबर को अटल स्मृति सम्मेलन
25 दिसंबर को सभी विधानसभा क्षेत्रों में अटल स्मृति सम्मेलन होंगे। इन आयोजनों में अटलजी की स्मृति में कविता-पाठ, सुशासन पर केंद्रित कार्यक्रम और विचार-गोष्ठियां आयोजित की जाएंगी, ताकि नई पीढ़ी को उनके विचारों से जोड़ा जा सके।
कांग्रेस पर निशाना
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए अरुण सिंह ने कहा कि पार्टी में इस समय नकारात्मक सोच हावी है। उन्होंने कहा कि चाहे वंदे मातरम् का मुद्दा हो या अन्य विषय, कांग्रेस हमेशा नकारात्मक दृष्टिकोण के साथ सामने आती है। उन्होंने यह भी कहा कि जवाहरलाल नेहरू ने अटलजी की प्रतिभा को पहचाना था, जबकि इंदिरा गांधी के कार्यकाल में उन्हें जेल जाना पड़ा। अटलजी जनसंघ से लेकर भारतीय जनता पार्टी के गठन के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रधानमंत्री तक की जिम्मेदारी निभाने वाले महान नेता रहे हैं।







