नई दिल्ली। भाजपा के इतिहास में 20 जनवरी 2026 का दिन एक बड़े बदलाव का गवाह बनेगा। 45 साल के नितिन नवीन का पार्टी के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में निर्विरोध चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है। हालांकि इस चुनाव में एक चौंकाने वाली बात यह है कि पार्टी के संस्थापक सदस्य लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी पहली बार होगा जब वह मतदान नहीं कर सकेंगे। दिसंबर 2025 से पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे नितिन नवीन अब पूर्णकालिक अध्यक्ष बनने जा रहे हैं। बता दें कि भाजपा के राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी के लक्ष्मण ने चुनावी कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। 19 जनवरी को दोपहर 2 से 4 बजे तक नामांकन दाखिल किया जाएगा। 19 जनवरी को ही शाम तक नामांकन पत्रों की जांच और वापसी होगी। 20 जनवरी को यदि जरुरी हुआ तो मतदान होगा, अन्यथा निर्विरोध चुनाव की घोषणा की जाएगी।
बता दें बिहार के बांकीपुर से विधायक और पूर्व मंत्री नितिन नवीन बीजेपी के दिग्गज नेता दिवंगत नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के पुत्र हैं। आरएसएस की पृष्ठभूमि वाले नवीन को संगठन में गहरी पैठ और छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में पार्टी की चुनावी जीत में बड़ी भूमिका के लिए जाना जाता है। 19 जनवरी को उनका नामांकन होगा और 20 जनवरी को उनकी जीत की औपचारिक घोषणा की जाएगी। उनके नामांकन में पीएम नरेंद्र मोदी, अमित शाह और राजनाथ सिंह प्रस्तावक बनेंगे। 1980 में भाजपा की स्थापना के बाद यह पहला मौका है जब इन दोनों दिग्गजों का नाम अध्यक्ष चुनाव की मतदाता सूची में नहीं है। इसके पीछे कोई राजनीतिक नाराजगी नहीं, बल्कि तकनीकी कारण हैं।
इसलिये नहीं कर पायेंगे आडवाणी-जोशी मतदान
पार्टी के संविधान के मुताबिक राष्ट्रीय परिषद का सदस्य बनने के लिए संबंधित राज्य में संगठनात्मक चुनाव पूरा होना अनिवार्य है। आडवाणी और जोशी फिलहाल दिल्ली से राष्ट्रीय परिषद के सदस्य हैं, लेकिन दिल्ली प्रदेश भाजपा में चुनाव अभी लंबित हैं। जब तक दिल्ली में मंडल, जिला और प्रदेश स्तर के चुनाव नहीं हो जाते वहां से राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों का चयन नहीं हो सकता। इसी कारण दोनों नेताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके। बता दें इससे पहले लालकृष्ण आडवाणी गुजरात (गांधीनगर) और जोशी उत्तर प्रदेश (कानपुर) से परिषद सदस्य हुआ करते थे। सक्रिय राजनीति से हटने के बाद वे दिल्ली से सदस्य बने थे।







