धर्मशाला। इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ ज्यूरिस्ट्स (International Council of Jurists) ने प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय शांति पुरस्कार के लिए जिन तीन हस्तियों का चयन किया है, उसमें तिब्बती बौद्ध धर्मगुरु 14वें दलाई लामा तेंजिन ग्यात्सो का नाम भी शामिल है।
यह घोषणा अंतरराष्ट्रीय परमाणु निरस्त्रीकरण और शांतिपूर्ण विश्व के लिए मार्च के आयोजन से पहले की गई। दलाई लामा को कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिले हैं, जिनमें सबसे प्रमुख 1989 का नोबेल शांति पुरस्कार है। इसके अतिरिक्त, उन्हें 2006 में अमेरिकी कांग्रेसनल गोल्ड मेडल, 2012 में टेम्पलटन पुरस्कार, रेमन मैग्सेसे पुरस्कार और 2025 में गोल्ड मर्करी पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा दलाई लामा को कई मानद डॉक्टरेट उपाधियां और अन्य पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं।
इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ जूरिस्ट्स ने प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय शांति पुरस्कार के लिए जिन तीन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्यात हस्तियों का चयन किया है, उसमें तिब्बती बौद्ध धर्मगुरु 14वें दलाई लामा तेंजिन ग्यात्सो का नाम भी शामिल है। यह जानकारी तिब्बतियन वेबसाइट तिब्बत डॉट नेट पर साझा की गई है। इसके अलावा जैन आचार्य डॉ. लोकेश मुनि और नोबेल पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई का नाम भी अंतरराष्ट्रीय शांति पुरस्कार के लिए चयनित हुआ है। काउंसिल के अनुसार, दलाई लामा को अहिंसा, वैश्विक शांति और सार्वभौमिक करुणा के प्रति आजीवन समर्पण के लिए सम्मानित किया जा रहा है।






