कोलकाता। मानसून जाते जाते पश्चिम बंगाल में तबाही मचा रहा है। यहां हुई भारी बारिश के कारण अब तक दस लोगों की मौत हो गई। हालात इतने खराब हैं कि हवाई, रेल और लोकल परिवहन सब बुरी तरह से प्रभावित हुये हैं। स्कूल और कॉलेजों की छुट्टी कर दी गई है। तेज बारिश का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कोलकाता में सडक़ से लेकर रेलवे यार्ड तक पानी में डूब चुके है। दुर्गा पूजा का मजा किरकिरा हो गया है। मौसम वभिाग ने कई प्रभावित राज्यों के लिए ताजा पूर्वानुमान जारी किया है, जिसके मुताबिक 26 सितंबर 2025 तक कोलकाता वासियों को भारी से भारी बारिश से छुटकारा मिलने वाला नहीं है।
बारिश के कहर देखते हुए पश्चिम बंगाल में स्कूलों में दुर्गा पूजा की छुट्टियां पहले ही घोषित कर दी गई हैं। मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी दी है। जिसे ध्यान में रखते हुए 24-25 सितंबर को स्कूल और कॉलेज बंद रखने का ऐलान किया गया है। कोलकाता और दक्षिण बंगाल के कई इलाकों में मंगलवार रात हुई तेज बारिश ने लोगों की दिनचर्या अस्त-व्यस्त कर दी। शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया, जिससे बस-टैक्सी और अन्य सार्वजनिक परिवहन लगभग ठप हो गए। जलभराव और उफान लगे नालों के कारण शहर में कई रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित हुईं।
कोलकाता के कुछ हिस्सों में कुछ ही घंटों में 330 मिमी से ज्यादा बारिश हुई, जबकि शहर और उसके उपनगरों के ज्यादातर हिस्सों में औसतन 250 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई। मंगलवार को कोलकाता में भारी मूसलाधार बारिश के कारण हवाई यात्रा बुरी तरह प्रभावित हुई, जिसके कारण कम से कम 30 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं और कई अन्य में काफी देरी हुई। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पूर्व में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण दक्षिण बंगाल के कई जिलों में और भारी बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग ने कहा कि बुधवार तक दक्षिण बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर और पश्चिम मेदिनीपुर, दक्षिण 24 परगना, झारग्राम और बांकुड़ा जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। 25 सितंबर के आसपास पूर्व-मध्य और उससे सटे उत्तरी बंगाल की खाड़ी में एक और नया निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है।







