मुंबई। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) सहित महाराष्ट्र के आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए सियासी पारा अपने चरम पर है। इस बीच राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने चुनावी प्रचार के दौरान गठबंधन की मजबूरियों, पार्टी की भावी नीतियों और मुंबई के विकास के रोडमैप पर खुलकर अपनी बात रखी। फडणवीस ने स्पष्ट किया कि राजनीति में सिद्धांतों के साथ-साथ सत्ता का होना भी अनिवार्य है ताकि जनहित की नीतियों को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारा जा सके।
अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी के साथ गठबंधन पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए फडणवीस ने कहा कि जब भाजपा अपने सिद्धांतों पर पूरी तरह अड़ी रही, तो पार्टी को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ा। महाभारत के युद्ध का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा कि धर्म की रक्षा और नीतियों को लागू करने के लिए उस काल में भी कई समझौते किए गए थे। उन्होंने अजीत पवार को एक लचीला नेता बताते हुए कहा कि यह गठबंधन बहुत सोच-समझकर किया गया है। फडणवीस ने साफ किया कि भले ही स्थानीय निकाय चुनाव में पार्टियां अलग-अलग चुनाव लड़ रही हों, लेकिन 2029 के विधानसभा चुनाव और भविष्य के लिए महायुति गठबंधन पूरी तरह एकजुट और मजबूत है।
मुफ्त उपहारों की बढ़ती संस्कृति और राजनीतिक दलों द्वारा किए जा रहे लोकलुभावन वादों पर भी मुख्यमंत्री ने बेबाकी से अपनी राय रखी। शिवसेना (यूबीटी) और मनसे द्वारा घरेलू सहायिकाओं को हर महीने 1,500 देने के वादे और खुद भाजपा द्वारा नवी मुंबई में 20 साल तक प्रॉपर्टी टैक्स न बढ़ाने की घोषणा पर उन्होंने कहा कि यह वर्तमान राजनीति का एक ऐसा चलन है जिससे कोई भी दल अछूता नहीं रह सकता। हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले पांच वर्षों में यह स्थिति बदल सकती है।
मुंबई के बुनियादी ढांचे को लेकर फडणवीस ने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की घोषणा की। उन्होंने मुंबईकरों को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए बांद्रा सी-लिंक से बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स तक एक विशेष टनल (सुरंग) बनाने का वादा किया। इस योजना के तहत एक टनल कुर्ला की ओर और दूसरी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर जाएगी, जो आगे चलकर कोस्टल रोड से जुड़ जाएगी। इसके अलावा, मेट्रो लाइनों का विस्तार और रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रदूषण नियंत्रण के लिए उन्होंने शहर में अधिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की बात भी कही। फडणवीस ने स्वीकार किया कि स्थानीय स्तर पर नेताओं के आपसी मनमुटाव के कारण कुछ जगहों पर गठबंधन न हो पाना एक चूक थी, जिसे भविष्य में सुधारा जाएगा।







