नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के 17वें दिन मंगलवार को भी विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया, जिसके चलते सदन का कामकाज ठप रहा। बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) और कथित ‘वोट चोरी’ जैसे मुद्दों पर विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के सांसदों ने सरकार को घेरते हुए दोनों सदनों में नारेबाजी की। लोकसभा में कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया। विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही महज 10 मिनट चल पाई और फिर इसे दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।
राज्यसभा में भी हालात अलग नहीं रहे। विपक्षी सदस्यों ने सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नारेबाजी शुरू कर दी। उपसभापति के कई बार शांत रहने के आग्रह के बावजूद विरोध जारी रहा, जिसके चलते राज्यसभा को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। संसद में मंगलवार को विपक्ष के कुछ सांसद ‘मिंता देवी’ नाम की टी-शर्ट पहनकर आए थे, जिनका नाम चुनाव आयोग की मतदाता सूची में 124 वर्ष की मतदाता के रूप में दर्ज होने का दावा किया जा रहा है। इस प्रतीकात्मक विरोध के साथ विपक्ष ने चुनाव आयोग के ‘एसआईआर’ (स्पेशल रिवीजन) प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। सांसदों ने टी-शर्ट पहनकर संसद में जैसे ही प्रवेश किया अचानक ही लोगों का ध्यान खींच लिया।
अब तक मानसून सत्र के अधिकांश दिनों में विपक्ष के विरोध और हंगामे के कारण विधायी कामकाज प्रभावित हुआ है। विपक्ष का कहना है कि जब तक सरकार मतदाता सूची से जुड़ी गड़बडिय़ों और ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर स्पष्ट जवाब नहीं देती, उनका विरोध जारी रहेगा। दूसरी ओर, सत्ता पक्ष एनडीए का कहना है कि विपक्ष जानबूझकर संसद का समय बर्बाद कर रहा है।







