सावन भगवान महादेव को मनाने का महीना है। इस महीने में दान पुण्य करने से घर परिवार में सुख शांति बनी रहती है। शास्त्रों में बताया गया है कि साथ ही सावन के महीने में आप जितना दान पुण्य करते हैं आपको उसका ही फल मिलेगा। हालांकि, शास्त्रों में दान पुण्य के भी नियम बताए गए हैं। शास्त्रों के अनुसार, सावन के महीने में कुछ चीजों का दान भूलकर भी नहीं करना चाहिए। यदि आप इन चीजों का दान करते हैं तो आपको उसे दान पुण्य का पूरा फल नहीं मिल पाएगा।
सावन के महीने में न करें इन चीजों का दान
नमक का दान न करे – सावन के महीने में भूलकर भी नमक का दान नहीं करना चाहिए। शास्त्रों में नमक का संबंध राहु से माना गया है। इसलिए सावन के महीने में नमक का दान न करें। ऐसा करने से आपको आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है।
शिव की मूर्ति न दे – सावन के महीने में भगवान शिव की मूर्ति किसी को भी जान में न दें। आप चाहें तो अपने घर में नई मूर्ति लाकर रख सकते हैं और उसकी पूजा कर सकते हैं लेकिन, कहीं भी दान आदि न करें। शिवजी की मूर्ति को किसी को भी गिफ्ट में या दान में नहीं देना चाहिए। हालांकि, आप चाहें तो आप मंदिर में शिवलिंग की स्थापना कर सकते हैं।
शीशे का दान न करें – सावन के महीने में शीशे या शीशे से बनी चीजों का दान नहीं करना चाहिए। इसी के साथ एलिमुनियम से बनी चीजों का दान भी सावन में नहीं करना चाहिए। क्योंकि, इनका संबंध भी राहु से ही माना जाता है।
चांदी की चीज का दान न करें – सावन के महीने में चांदी की चीजों का दान नहीं करना चाहिए। क्योंकि, अगर कोई व्यक्ति चांदी की चीजों का दान करता है तो उसका चंद्रमा कमजोर होता है। जबकि चंद्रमा धारण करने से व्यक्ति की कुंडली में चंद्रमा मजबूत होता है।
न करें पुराने वस्त्रों का दान- सावन के महीने में नए वस्त्रों का दान करना उत्तम माना गया है। इस महीने में नए वस्त्र का दान करें। लेकिन, भूलकर भी पुराने वस्त्रों का दान न करें। वरना आपको आर्थिक तंगी से गुजरना पड़ सकता है।







