वॉशिंगटन। रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बातचीत की कोशिश नाकाम होने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है। अमेरिका ने इस प्रयास को समय की बर्बादी बताकर टाल दिया। जबकि रूस ने दावा किया कि ऐसी कोई वार्ता प्रस्तावित ही नहीं थी। हालांकि, दोनों पक्षों ने यह स्पष्ट किया कि शांति वार्ता पूरी तरह बंद नहीं हुई है। इस बीच, रूस अपने हथियारों का जोर-शोर से प्रदर्शन कर रहा है।
जिस दिन ट्रंप ने रूस के साथ तत्काल बातचीत से इनकार किया, उसी दिन रूसी सेनाओं ने अपनी जल, थल और नभ की मिसाइलों का प्रदर्शन कर अपनी ताकत का संदेश दिया। रूस ने अब अपनी परमाणु-संचालित इंटरकॉन्टिनेंटल क्रूज मिसाइल ‘बुरेवस्तनिक’ का सफल परीक्षण किया है, जिसे उसके सबसे उन्नत हथियार कार्यक्रमों में से एक माना जाता है। रूस की यह मिसाइल करीब 14,000 किलोमीटर की दूरी तय करने और 15 घंटे तक उड़ान भरने में सक्षम है। रूसी जनरल गेरासिमोव के अनुसार, बुरेवस्तनिक की तकनीकी क्षमताएं इसे किसी भी दूरी पर अत्यधिक सुरक्षित ठिकानों को सटीकता से निशाना बनाने में सक्षम बनाती हैं। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इसे विश्व में अनूठा हथियार बताते हुए दावा किया कि ऐसा कोई हथियार किसी अन्य देश के पास नहीं है। उन्होंने रूसी सेना को आदेश दिया कि इस मिसाइल को सेना में शामिल करने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा तैयार किया जाए।
इस मिसाइल की चर्चा पहली बार 2018 में हुई थी, जब पुतिन ने दावा किया था कि बुरेवस्तनिक अजेय है और अमेरिकी मिसाइल रक्षा प्रणाली को भेदने में सक्षम है। हालांकि, 2019 में एक असफल परीक्षण के दौरान आर्कटिक क्षेत्र में विस्फोट हुआ था, जिसमें कई वैज्ञानिकों की जान चली गई थी। अब रूस ने इसके अंतिम सफल परीक्षण की घोषणा की है। यह परीक्षण ऐसे समय में हुआ है, जब ट्रंप ने रूस की दो प्रमुख तेल कंपनियों पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। ट्रंप का कहना है कि रूस के साथ बातचीत फिलहाल कहीं नहीं जा रही, जबकि रूस का दावा है कि वह वार्ता के लिए तैयार है। एक ओर पुतिन शांति वार्ता की बात करते हैं, तो दूसरी ओर परमाणु क्षमताओं का प्रदर्शन कर रहे हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यह रूस का दोहरा रवैया है, एक तरफ अमेरिका और नाटो को अपनी शक्ति का संदेश देना, और दूसरी तरफ यूक्रेन पर दबाव बढ़ाने की कोशिश।






