टोक्यो। जापान में एक विवादित डेटिंग ऐप चर्चा में है, जिसने शादीशुदा लोगों के रिश्तों को चुनौती दे दी है। यह ऐप विशेष रूप से शादीशुदा पुरुषों और महिलाओं के लिए बनाया गया है जो अपनी मौजूदा शादी के बावजूद किसी दूसरे पार्टनर की तलाश करना चाहते हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस ऐप की खासियत यह है कि यह सीके्रेटस और प्राइवेसी-फ्रेंडली मॉडल पर काम करता है और पारंपरिक रिश्तों से हटकर अल्टरनेट रिलेशनशिप को बढ़ावा देता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ऐप के अब तक 3.5 लाख से अधिक यूजर हैं और औसतन हर 7 सेकंड में एक नया मैच हो रहा है। यह तेजी से वायरल होने और विवादों का मुख्य कारण बना है। इसे लेकर सोशल मीडिया पर दुनियाभर में चर्चा हो रही है।
जापान में बढ़ती मांग के कारण
भावनात्मक अकेलापन- शादी के बावजूद लोग भावनात्मक रूप से अकेले महसूस करते हैं, काम का दबाव और कम संवाद रिश्तों को प्रभावित करता है।
जनसंख्या संकट- टूटती शादियां और गिरते जन्म दर के बीच जापान में रिश्तों की परिभाषा बदल रही है।
बदलती सामाजिक सोच-कुछ लोग इसे ईमानदार विकल्प मानते हैं, जबकि कुछ इसे रिश्तों की नींव के खिलाफ मानते हैं।
क्या है विवाद
विरोध करने वाले इस ऐप को शादी संस्था को कमजोर करने वाला, बेवफाई को सामान्य बनाने वाला और परिवार व बच्चों पर नकारात्मक असर डालने वाला मानते हैं। वहीं दूसरी तरफ समर्थन करने वालों का कहना है कि यह छुपकर संबंध बनाने की तुलना में पारदर्शी और वयस्कों की सहमति से किया गया विकल्प है।
क्या कहता है कानून
जापान में ऐसे ऐप गैरकानूनी नहीं हैं, जब तक इसमें धोखाधड़ी या जबरदस्ती न हो। इसलिए सरकार ने सीधे प्रतिबंध नहीं लगाया है। बहरहाल यह मामला केवल एक ऐप तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि आधुनिक समाज में रिश्तों की परिभाषा बदल रही है, तकनीक निजी जीवन में गहराई तक घुस चुकी है और परंपरा और आधुनिक सोच के बीच टकराव तेज़ हो रहा है।







