भोपाल। मुख्य सचिव अनुराग जैन के 31 अगस्त को सेवानिवृत्त के बाद इस पद के लिए दावेदारी कर रही केंद्र में पदस्थ सचिव स्तर की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अलका उपाध्याय को केंद्र द्वारा नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। अलका उपाध्याय को केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्रालय में सचिव बनाया गया है। इस आदेश के बाद फिलहाल अलका उपाध्याय की मध्यप्रदेश वापसी का रास्ता बंद हो गया है। वहीं, मप्र कैडर के एक अन्य अधिकारी वी.एल. कांताराव अब केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय में सेवाएं देंगे।
बता दें कि नौ दिन बाद सेवानिवृत्त हो रहे मुख्य सचिव अनुराग जैन की सेवाओं के एक्सटेंशन के बीच नए मुख्य सचिव की दावेदारी भी तेजी से चल रही है। अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अशोक बर्णवाल, केंद्र में पदस्थ मनोज गोविल के साथ केंद्र सरकार के पशुपालन और डेयरी विभाग की सचिव के रूप में पदस्थ अलका उपाध्याय का नाम भी इस पद के लिए दौड़ में शामिल था। शुक्रवार को केंद्र की कैबिनेट अपॉइंटमेंट कमेटी डीओपीटी की ओर से 14 अफसरों को नई जिम्मेदारी सौंपने के आदेश जारी किए गए हैं। इसमें अलका उपाध्याय और वी.एल कांताराव का भी नाम है। जो मप्र कैडर के आईएएस अधिकारी हैं।
शुक्रवार को जारी आदेश में अलका उपाध्याय को केंद्रीय सचिव पशुपालन और डेयरी विभाग से हटाकर राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग का सचिव बनाया गया है। इसी तरह मप्र कैडर के अधिकारी व केंद्रीय खान मंत्रालय के सचिव वी.एल कांताराव को डिपार्टमेंट ऑफ वाटर रिसोर्सेस रिवर डेवलपमेंट एंड गंगा रेजुविनेशन जल शक्ति मंत्रालय में पदस्थ किया गया है। यह विभाग अभी संघ शासित प्रदेश के आईएएस देबाश्री मुखर्जी के पास था। जिन्हें अब स्किल डेवलपमेंट एंड एंटरप्रिन्योरशिप विभाग में सचिव के पद पर पदस्थ किया गया है।
इनके दायित्वों में फेरबदल
डीओपीटी द्वारा जारी आदेश में इसके अलावा अलग-अलग राज्यों के जिन अधिकारियों के विभागों के दायित्वों में फेरबदल किया गया है, उनमें रजित पुन्हानी, विजय कुमार, सुकृति लिखी, रंजना चोपड़ा, नरेश पाल गंगवार, नीरज वर्मा, आतिश चंद्रा, पीयूष गोयल, संजय गर्ग, रोली सिंह और त्रिशालजीत सेठी के नाम शामिल हैं।







