Politics Mirror
Advertisement
  • होम
  • राजनीति इन दिनों
  • मध्यप्रदेश
    • भोपाल
    • इंदौर
    • ग्वालियर
    • जबलपुर
  • देश
  • विदेश
  • परदे के पीछे
  • राजनीतिक चिंतन
  • टेक्नालाजी
  • जीवन शैली
    • धर्म / ज्योतिष
    • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
  • होम
  • राजनीति इन दिनों
  • मध्यप्रदेश
    • भोपाल
    • इंदौर
    • ग्वालियर
    • जबलपुर
  • देश
  • विदेश
  • परदे के पीछे
  • राजनीतिक चिंतन
  • टेक्नालाजी
  • जीवन शैली
    • धर्म / ज्योतिष
    • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Politics Mirror
No Result
View All Result
Home देश

मालेगांव ब्लास्ट : योगी और भागवत को भी फंसाने की थी साजिश

सरकारी गवाह रहे मिलिंद जोशी का खुलासा

Politics Mirror by Politics Mirror
August 2, 2025
in देश
0
मालेगांव ब्लास्ट : योगी और भागवत को भी फंसाने की थी साजिश
0
SHARES
1
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

नई दिल्ली। मालेगांव ब्लास्ट केस में सरकारी गवाह रहे मिलिंद जोशी ने कहा कि उन पर योगी आदित्यनाथ और मोहन भागवत का नाम लेने का दबाव बनाया गया था। इसके लिए उन्हें कई दिनों तक हिरासत में रखा गया। उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उस समय भी हिंदुत्व का फायरब्रांड चेहरा थे। ऐसे में उन्हें भी इस साजिश में झोंकने का पूरा इंतजाम हो गया था। दूसरी तरफ मोहन भागवत भी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के शीर्ष नेताओं में थे। उनके आरएसएस प्रमुख बनने की संभावना भी बढ़ गई थी। इस मामले में जांच अधिकारी रहे महबूब मुजावर ने कहा कि केस को इस तरह प्रस्तुत किया गया था जैसे कि भगवा आतंकवाद का नैरेटिव स्थापित करना हो। महबूब मुजावर का कहना था कि तत्कालीन सरकार हिंदुत्व की राजनीति को खत्म करना चाहती थी। इस मामले में गवाह रहे मिलिंद जोशी ने कहा कि उन पर बेहद दबाव था कि असीमानंद और योगी आदित्यनाथ का नाम इस मामले में लिया जाए। इसके लिए जांच अधिकारियों ने उन्हें प्रताडि़त भी किया।

बता दें कि 29 सितंबर 2008 को मालेगांव के भीकू चौक पर एक दोपहिया वाहन पर बम धमाका हुआ था जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई थी। मरने वाले सभी मुस्लिम थे। इस मामले में स्थानीय पुलिस ने केस दर्ज किया था और फिर जांच एटीएस को सौंप दी गई थी। यहां एक मोटरसाइकल मिली थी जिसके नंबर के साथ छेड़छाड़ की गई थी। वहीं असली नंबर प्रज्ञा ठाकुर के नाम पर दर्ज था। मालेगांव बम ब्लास्ट मामले में भगवा आंतवाद का नैरेटिव गढऩे का प्रयास पूरी तरह फेल हो गया है। मुंबई की एक विशेष अदालत ने जब प्रज्ञा ठाकुर और कर्नल पुरोहित समेत सात आरोपियों को बरी करने का फैसला सुनाया तो कांग्रेस पर भी कई सवाल उठने लगे। विशेष अदालत ने कहा था कि अभियोजन पक्ष के दावों में कई कमियां थीं और सबूतों के अभाव में आरोपियों को बरी कर दिया गया। साथ ही कोर्ट ने एटीएस और एनआईए की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।

मालेगांव ब्लास्ट मामले के 39 गवाहों में से एक ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि उसपर आरएसएस और दक्षिणपंथी संगठनों के अन्य कई लोगों को फंसाने का भी दबाव डाला जा रहा था। मालेगांव ब्लास्ट मामले में पूर्व बीजेपी सांसद प्रज्ञा ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित, रिटायर्ड मेजर रमेश उपाध्याय, अजय राहिरकर, सुधाकर चतुर्वेदी, समीर कुलकर्णी और सुधाकर धर द्विवेदी आरोपी थे। इस मामले में सभी आरोपियों को बरी करते हुए कोर्ट ने कहा कि आतंकवाद को कोई धर्म नहीं होता है और कोई भी धर्म हिंसा को सही नहीं ठहराता। इस मामले में सभी आरोपियों को बरी करते हुए कोर्ट ने कहा कि आतंकवाद को कोई धर्म नहीं होता है और कोई भी धर्म हिंसा को सही नहीं ठहराता। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला है। सिर्फ कहानियों के आधार पर सोच बना लेना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए ठोस सबूतों की जरूरत होती है जो कि जांच एजेंसियां नहीं प्रस्तुत कर पाई हैं।

Previous Post

कांग्रेस का सदन के भीतर-बाहर जमकर हंगामा, सदन की कार्यवाही 4 अगस्त तक स्थगित

Next Post

बार-बार गर्म किया गया भोजन शरीर के लिये होता है हानिकारक

Politics Mirror

Politics Mirror

Next Post
बार-बार गर्म किया गया भोजन शरीर के लिये होता है हानिकारक

बार-बार गर्म किया गया भोजन शरीर के लिये होता है हानिकारक

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

पॉलिटिक्स मिरर पढ़ने के लिये यहां क्लिक करें

Recent News

बढ़ता स्तन कैंसर, इलाज से ज्यादा जागरूकता जरूरी

बढ़ता स्तन कैंसर, इलाज से ज्यादा जागरूकता जरूरी

March 8, 2026
चिंतामणि के बाद कालूहेड़ा के बागी तेवर

चिंतामणि के बाद कालूहेड़ा के बागी तेवर

March 8, 2026
मप्र में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की तैयारी

मप्र में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की तैयारी

March 7, 2026
महंगी होती रसोई की आंच

महंगी होती रसोई की आंच

March 7, 2026

Politics Mirror का उद्देश्य राजनीति में शुचिता की पैरवी करने के साथ राजनीतिक पत्रकारिता को एक नया दृष्टिकोण प्रदान करना है। 'Politics Mirror' स्पष्ट, निष्पक्ष और अंतर दृष्टिपूर्ण मूल्य-आधारित पत्रकारिता को बढ़ावा देता है। यह राजनीति में 'नैतिक मूल्यों' और आमजन के संवैधानिक अधिकारों, मुद्दों और समस्याओं की बात करता है।

Follow Us

Category

  • राजनीति इन दिनों
  • मध्यप्रदेश
  • देश
  • परदे के पीछे
  • विदेश
  • राजनीतिक चिंतन
  • जीवन शैली
  • मनोरंजन
  • ई-पेपर
  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact

© 2025 Politics Mirror. All rights reserved.

No Result
View All Result
  • होम
  • राजनीति इन दिनों
  • मध्यप्रदेश
    • भोपाल
    • इंदौर
    • ग्वालियर
    • जबलपुर
  • देश
  • विदेश
  • परदे के पीछे
  • राजनीतिक चिंतन
  • टेक्नालाजी
  • जीवन शैली
    • धर्म / ज्योतिष
    • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
  • ई-पेपर

© 2025 Politics Mirror. All rights reserved.