कोविड-19 के बाद हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के मामले पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गए हैं। ऐसे में डॉक्टर और योग विशेषज्ञ लगातार लोगों को योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की सलाह दे रहे हैं। योगासन न सिर्फ शरीर को स्वस्थ रखते हैं, बल्कि मानसिक शांति और बेहतर रक्त संचार के जरिए दिल की कार्यक्षमता को भी मजबूत बनाते हैं। योग के जानकारों का कहना है कि त्रिकोणासन, वृक्षासन और मार्जरी तीन ऐसे योगासन हैं जो हृदय रोगों से बचाव में विशेष रूप से लाभकारी हैं। त्रिकोणासन हृदय और पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद माना जाता है। इस आसन को करने से मांसपेशियों में खिंचाव आता है और रक्त प्रवाह बेहतर होता है। फेफड़ों की क्षमता बढऩे से शरीर को अधिक ऑक्सीजन मिलती है, जिससे दिल पर दबाव कम होता है।
इस योगासन का नियमित अभ्यास मोटापे को नियंत्रित करता है, जो हृदय रोगों का प्रमुख कारण है। वृक्षासन मानसिक तनाव को कम करने में मदद करता है। चूंकि तनाव हार्ट अटैक का बड़ा कारक है, इसलिए इसका नियमित अभ्यास हृदय रोग के जोखिम को घटा सकता है। यह योगासन ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है, पैरों की मांसपेशियों को मजबूत करता है और संतुलन व एकाग्रता को बेहतर बनाता है। मार्जरी आसन, जिसे कैट पोज कहा जाता है, रीढ़ और हृदय दोनों के लिए लाभकारी है। इससे शरीर में रक्त प्रवाह सुचारू होता है और दिल को आराम मिलता है। यह आसन फेफड़ों की क्षमता बढ़ाता है, जिससे सांस लेने की प्रक्रिया सुधरती है।
इसके अलावा यह तनाव को कम करता है और पीठ व गर्दन के दर्द में भी राहत पहुंचाता है। योग विशेषज्ञों का मानना है कि इन आसनों का नियमित अभ्यास न केवल हृदय को मजबूत बनाता है बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य को संतुलित रखता है। युवाओं में बढ़ते हृदय रोग के मामलों को देखते हुए योग अपनाना समय की मांग है। सुबह या शाम का समय इन आसनों के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। नियमितता और सही विधि से किया गया योगाभ्यास भविष्य में हार्ट अटैक जैसी गंभीर स्थितियों से बचाव में सहायक हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो आधुनिक जीवनशैली ने इंसान की दिनचर्या को पूरी तरह बदल दिया है। असंतुलित खानपान, तनाव और शारीरिक गतिविधियों की कमी ने हृदय रोगों के खतरे को तेजी से बढ़ा दिया है।







