नई दिल्ली। अमेरिका-भारत के बीच हुई ट्रेड डील की घोषणा के दौरान अमेरिका ने एक नक्शा पोस्ट किया, जिसमें पीआके और अक्साई चिन को भारत का हिस्सा दिखाया। इससे पाकिस्तान घबरा गया और उसने तुरंत अमेरिका से संपर्क करके इसे गलत बताते हुए सुधार करने की गुहार लगाई। आखिरकार अमेरिका ने वह पोस्ट डिलीट कर दी। यह घटना ट्रंप प्रशासन की भारत के प्रति नरम नीति का संकेत मानी जा रही है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भारत और अमेरिका ने पिछले हफ्ते एक व्यापार समझौते का फ्रेमवर्क घोषित किया। इसमें टैरिफ को कम करके 30 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा की अर्थव्यवस्था को खोलने की बात है। समझौते की डिटेल्स जारी करते समय भारत का नक्शा पोस्ट किया गया। इस नक्शे में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और अक्साई चिन भारत के हिस्से के रूप में दर्शाया गया। यह अमेरिका की पुरानी नीति से अलग था, क्योंकि अमेरिका आमतौर पर कश्मीर को विवादित मानता है और तटस्थ रहता है।
पाकिस्तान को इस नक्शे को देख बैचेन हो गया। पाकिस्तान ने अमेरिकी अधिकारियों से संपर्क किया और नक्शे को गलत बताया। प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि हमने अमेरिका को बताया कि यह नक्शा सही नहीं है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा मान्यता प्राप्त नक्शे में जम्मू-कश्मीर को विवादित क्षेत्र दिखाया जाता है, जिसका हल यूएन के प्रस्तावों के तहत जनमत संग्रह से होना है। पाकिस्तान ने संतोष जताया कि अमेरिका ने जरूरी सुधार किया और पोस्ट डिलीट कर दी।
बता दें पोस्ट डालने के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई कि क्या यह गलती है या ट्रंप प्रशासन की जानबूझकर की गई नीति। भारत की क्षेत्रीय संप्रभुता को मान्यता देने जैसा यह कदम अमेरिका की पुरानी तटस्थता से अलग था। दबाव और विवाद के बाद पोस्ट हटा दी गई ताकि बहस खत्म हो जाए।
ट्रंप प्रशासन भारत के साथ संबंधों को मजबूत करने पर जोर दे रहा है। व्यापार समझौता इसका हिस्सा है। नक्शे में पीओके और अक्साई चिन को भारत का हिस्सा दिखाना पाकिस्तान के लिए झटका था। यह दर्शाता है कि अमेरिका अब कश्मीर जैसे मुद्दों पर भारत के पक्ष में झुक सकता है। पाकिस्तान को डर है कि ट्रंप के दौर में भारत-अमेरिका निकटता से उसकी स्थिति कमजोर होगी। यह घटना छोटी लगती है, लेकिन भारत-पाकिस्तान और अमेरिका के रिश्तों में बड़ा संकेत देती है।







