विपक्षी इंडिया गठबंधन भी संयुक्त उम्मीदवार उतारने की तैयारी में
नई दिल्ली। जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद उपराष्ट्रपति पद के लिए 9 सितंबर को चुनाव होना है। चुनाव आयोग ने इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी है। लोकसभा और राज्यसभा में एनडीए की संख्या बल को देखते हुए एनडीए उम्मीदवार की जीत तय मानी जा रही है। इंडिया गठबंधन की तरफ से भी उम्मीदवार को मैदान में उतारने की चर्चा है। हालांकि अभी तक लेकिन किसी भी खेमे के द्वारा नाम का ऐलान नहीं किया गया है। सूत्रों के मुताबिक इसी हफ्ते कभी भी एनडीए की तरफ से उम्मीदवार का ऐलान हो सकता है।
उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक हाल ही में एनडीए की बैठक में उपराष्ट्रपति उम्मीदवार तय करने की जिम्मेदारी पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा को सौंपी गई है। गत 7 अगस्त को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में यह बैठक हुई थी, जिसमें उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर चर्चा हुई थी। इसके बाद नामों पर मंथन जारी है। इस संवैधानिक पद की दौड़ में कई नामों की चर्चा चल रही है। राजनीतिक गलियारों में इन दिनों देश के अगले उपराष्ट्रपति के लिए राज्यसभा के उपसभापति और जदयू नेता हरिवंश, दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना, जम्मू-कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा और गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत का नाम चर्चा में है। हालांकि बीजेपी ने पिछली बार भी ऐन मौके पर जगदीप धनखड़ के नाम का ऐलान कर लोगों को चौंका दिया था।
रिपोर्टस के मुताबिक इंडिया गठबंधन संयुक्त उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े विपक्षी दलों से संपर्क कर रहे हैं ताकि किसी नाम पर सहमति बन सके। उपराष्ट्रपति का चुनाव लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसदों के द्वारा किया जाता है।
उपराष्ट्रपति चयन का गणित
दोनों सदनों के कुल 781 सदस्य मतदान करते हैं। पूर्ण मतदान की स्थिति में किसी भी उम्मीदवार को जीत के लिए कम से कम 391 वोट चाहिए। एनडीए के पास फिलहाल करीब 422 सांसद हैं, जिससे एनडीए उम्मीदवार की जीत लगभग पक्की मानी जा रही है। चुनाव आयोग की अधिसूचना के मुताबिक नामांकन की आखिरी तारीख 21 अगस्त है। नामांकन पत्रों की जांच 22 अगस्त तक होगी। नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 25 अगस्त है। 9 सितंबर को वोट डाले जाएंगे।







